Sugar Supply India: भारत में चीनी संकट का कोई खतरा नहीं; बलरामपुर चीनी मिल्स बोली- नवंबर तक का स्टॉक पर्याप्त

देश के प्रमुख चीनी उत्पादक समूह 'बलरामपुर चीनी मिल्स' ने स्पष्ट किया है कि भारत में चीनी की कोई तत्काल कमी नहीं है. कंपनी के सीएफओ प्रमोद पटवारी के अनुसार, घरेलू स्तर पर चीनी का मौजूदा स्टॉक अक्टूबर और नवंबर के पहले सप्ताह तक की मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह पर्याप्त है.

चीनी का स्टॉक पर्याप्त (Photo Credits: File Photo)

कोलकाता/नई दिल्ली: महाराष्ट्र (Maharashtra) और कर्नाटक (Karnataka) जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में कमजोर मानसून की चिंताओं के कारण बाजार में चीनी की किल्लत की आशंका जताई जा रही थी. हालांकि, कोलकाता स्थित देश की प्रमुख चीनी उत्पादक कंपनी बलरामपुर चीनी मिल्स (Balrampur Chini Mills) ने हितधारकों को आश्वस्त किया है कि भारत में चीनी की कमी का कोई तात्कालिक खतरा नहीं है.

कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) प्रमोद पटवारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि देश में चीनी का वर्तमान स्टॉक अक्टूबर और नवंबर 2026 के पहले सप्ताह तक की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है. यह भी पढ़ें: FMCG Price Hike: महंगाई का बड़ा झटका, रोजमर्रा की जरूरत का सामान हो सकता है महंगा; कंपनियां बढ़ा सकती हैं कीमतें

मानसून का प्रभाव और पेराई सत्र जल्दी शुरू करने की योजना

पिछले एक महीने के दौरान चीनी की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे आगामी 2026-27 के पेराई सत्र (Crushing Season) को लेकर बाजार में सतर्कता देखी जा रही है. प्रमोद पटवारी के अनुसार, अगस्त और सितंबर के दौरान होने वाली बारिश गन्ने की फसल के स्वास्थ्य और कुल उत्पादन के लिए निर्णायक साबित होगी.

त्योहारी सीजन के दौरान संभावित किल्लत को रोकने के लिए सरकार चीनी मिलों को समय से लगभग 15 दिन पहले ही पेराई सत्र शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने पर विचार कर रही है. यदि मिलें समय से पहले पेराई शुरू करती हैं, तो नए सीजन की चीनी जल्द ही बाजार में उपलब्ध हो जाएगी.

एथेनॉल रणनीति में बदलाव और वित्तीय प्रदर्शन

एथेनॉल निर्माण के संदर्भ में बलरामपुर चीनी मिल्स अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है.  सीएफओ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान कीमतों पर गन्ने के रस (Sugarcane Juice) से एथेनॉल बनाना आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं रह गया है.

इसी कारण कंपनी अब गन्ने के रस के बजाय मक्का और चावल जैसे अनाजों (Grains) से एथेनॉल उत्पादन पर ध्यान केंद्रित कर रही है. 2026-27 एथेनॉल वर्ष में कंपनी ने लगभग 25 करोड़ लीटर एथेनॉल उत्पादन का लक्ष्य रखा है. वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) में कंपनी ने ₹1,637 करोड़ का राजस्व और ₹44 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है.

बायोप्लास्टिक (PLA) प्रोजेक्ट का समय पर कार्यान्वयन

कंपनी ने अपने पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) बायोप्लास्टिक्स प्रोजेक्ट की प्रगति के बारे में भी जानकारी साझा की. यह परियोजना अपने तय समय सारणी के अनुसार चल रही है और दिसंबर 2026 में इसका व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है.

कंपनी का अनुमान है कि शुरुआती गुणवत्ता स्थिरता चरण के कारण वित्त वर्ष 2027 में इस सेगमेंट से बड़ा राजस्व नहीं मिलेगा, लेकिन वित्त वर्ष 2028 तक इसमें उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जाएगी.  बलरामपुर चीनी मिल्स का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) वर्तमान में लगभग ₹13,004 करोड़ है और इसके शेयरों में पिछले एक साल में 9 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई है.

 

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