मैनपुरी: एम्बुलेंस नहीं मिली तो हाथठेले पर अस्पताल के लिए निकला भतीजा, रास्ते में ही हुई महिला की मौत
मैनपुरी जिले में रविवार को एक 46 वर्षीय महिला की मृत्यु हो गई. उसे अस्परताल जाने के लिए समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली. उसका भतीजा जीतेंद्र राठौर उन्हें हाथठेले पर लेकर जिला अस्पताल पहुंचा लेकिन डॉक्टरों द्वारा उन्हें 'मृत घोषित कर दिया गया.'
लखनऊ: मैनपुरी (Mainpuri) जिले में रविवार को एक 46 वर्षीय महिला की मृत्यु हो गई. उसे अस्पताल जाने के लिए समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली. उसका भतीजा जीतेंद्र राठौर उन्हें हाथठेले पर लेकर जिला अस्पताल पहुंचा लेकिन डॉक्टरों द्वारा उन्हें 'मृत घोषित कर दिया गया.' मैनपुरी के जिला मजिस्ट्रेट महेंद्र बहादुर सिंह (Mahendra Bahadur Singh)ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. जबकि अतिरिक्त एसपी ने एंबुलेंस चालकों और '108' सेवा द्वारा लापरवाही की आशंका जताई है. महिला की पहचान गुड्डी देवी के रूप में हुई है.
उनके पति लक्ष्मी राठौर और उनके बेटे जयपुर में दर्जी का काम करते हैं. इस त्रासदी के बारे में जानकारी मिलते ही वे मैनपुरी के लिए निकले. देश भर में लॉकडाउन शुरू होने के बाद से वे राजस्थान में अटक गए थे. जयपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश में अपने समकक्षों के साथ घटना का सत्यापन करने के बाद उन्हें मैनपुरी की यात्रा के लिए पास जारी किया. पुलिस के अनुसार, गुड्डी देवी सीढ़ियों पर चढ़ते समय बेहोश हो गई, जिसके बाद उसके परिवार ने कई बार एम्बुलेंस सेवा के लिए '108' डायल किया. लेकिन कोई मदद न आने पर वे उसे अस्पताल ले गए और रास्ते में ही उसका निधन हो गया. यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में क्वारंटाइन सेंटर में 10 महीने की बच्ची की मौत
मैनपुरी के जिला मजिस्ट्रेट ने संवाददाताओं को बताया कि पहली नजर में यह '108' एम्बुलेंस सेवा की ओर से चूक लगती है, लेकिन अन्य पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है. उन्होंने कहा, "हमें मौत की वजह जानने की जरूरत है. साथ ही जिला अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज से घटना की स्पष्ट तस्वीर प्राप्त करने के लिए स्कैन किया जाएगा. मैंने अधिकारियों से यह जांच करने के लिए कहा है कि क्या जिला स्वास्थ्य अधिकारी या एम्बुलेंस सेवा इसके लिए जिम्मेदार थे."
अधिकारी ने आश्वासन दिया कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी. मैनपुरी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओ.पी.सिंह ने कहा कि परिवार के सदस्यों के अनुसार, पीड़िता का पेट के ट्यूमर का सात महीने पहले ऑपरेशन किया गया था. रविवार को उसे सांस लेने में समस्या हुई और फिर वह बेहोश हो गई. यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में अन्य एजेंसियां भी किसानों से सीधे कर सकेंगी खरीद, नियमों में होगा बदलाव
उन्होंने आगे कहा कि प्रारंभिक पूछताछ में, यह पता चला कि उनके परिवार ने '108' पर एम्बुलेंस सेवा के लिए कॉल किया और एक ड्राइवर ने कॉल नहीं उठाया, जबकि दूसरे ड्राइवर ने कॉल सेंटर को बताया कि उसके वाहन में एक टायर पंचर था. जिस तीसरे चालक से संपर्क हुआ था, उसने दावा किया कि वह घटनास्थल पर जा रहा है लेकिन वह पहुंचा नहीं था. अधिकारियों ने कहा कि मृतका का पोस्टमार्टम उसके पति की मंजूरी के बाद ही किया जाएगा. बता दें मैनपुरी समाजवादी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का संसदीय क्षेत्र है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 13, 2020 04:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

