Nizamabad Shocker: तेलंगाना के निजामाबाद जिले से एक सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला अपराध का मामला सामने आया है. यहां एक महिला ने अपने प्रेम संबंधों में बाधा बन रहे पति की हत्या करने के लिए अपने मेडिकल ज्ञान का खौफनाक इस्तेमाल किया. पुलिस के अनुसार, खाड़ी देश से लौटे 35 वर्षीय प्रशांत को पहले छत से धक्का देकर मारने की कोशिश की गई, लेकिन जब वह गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी बच गया, तो उसकी नर्स पत्नी ने इलाज के दौरान हाथ में लगी ड्रिप (कैन्युला) के माध्यम से टॉयलेट क्लीनर और बेहोशी की दवा (एनेस्थीसिया) इंजेक्ट कर दी. इस घटना में प्रशांत की मौत हो गई है. पुलिस ने सोमवार, 6 जुलाई को मामले का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है.
खाड़ी देश से लौटने के बाद रची गई साजिश
मृतक प्रशांत विदेश में मजदूरी का काम करता था और हाल ही में 27 जून को अपने घर लौटा था. पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों से पता चला है कि प्रशांत की पत्नी संध्या (32) का पिछले कुछ समय से अनिल (35) नाम के व्यक्ति के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों प्रशांत को अपने रिश्ते के बीच का कांटा मान रहे थे और उसे रास्ते से हटाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची. इस साजिश को अंजाम देने के लिए उन्होंने अनिल के दोस्त वेंकट साई की मदद ली.
पहली कोशिश: नशे की हालत में छत से धक्का दिया
योजना के मुताबिक, 29 जून को वेंकट साई प्रशांत के घर गया और उसे अत्यधिक मात्रा में शराब पिलाई. जब प्रशांत पूरी तरह नशे में धुत्त हो गया, तो साई उसे इमारत की छत पर ले गया. पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, संध्या से फोन पर मिले निर्देशों के बाद साई ने प्रशांत को पहली मंजिल की छत से नीचे धक्का दे दिया. इस हादसे में प्रशांत को गंभीर चोटें आईं, लेकिन उसकी जान बच गई. इसके बाद आरोपियों ने इसे एक दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की और प्रशांत को इलाज के लिए पहले सरकारी और फिर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया.
दूसरी कोशिश: नस में इंजेक्ट किया टॉयलेट क्लीनर
अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद प्रशांत को घर लाया गया था, लेकिन उसके हाथ में अभी भी नसों के जरिए दवा देने के लिए 'कैन्युला' (ड्रिप की नली) लगी हुई थी. संध्या, जो पहले एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में काम कर चुकी थी, ने अपने इस मेडिकल अनुभव का इस्तेमाल हत्या के लिए किया.
30 जून की रात को, प्रेमी अनिल के उकसाने पर संध्या ने प्रशांत के हाथ में लगे कैन्युला के माध्यम से सीधे उसकी नसों में टॉयलेट क्लीनिंग लिक्विड (तेजाब नुमा तरल) और एनेस्थीसिया का हाई डोज इंजेक्ट कर दिया. जहर शरीर में फैलते ही प्रशांत की तड़प-तड़प कर मौत हो गई. इसके बाद साजिश को छिपाने के लिए संध्या ने प्रशांत को बिस्तर से नीचे धकेल दिया ताकि यह लगे कि उसकी मौत खाट से गिरने के कारण हुई है.
मां के संदेह और तकनीकी सबूतों से खुला राज
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रशांत की मां डी. श्यामला ने 1 जुलाई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. मां को अपने बेटे के विदेश से लौटने की भनक तक नहीं थी और उन्हें अचानक हुई इस मौत पर गहरा संदेह था. उन्होंने अपनी बहू संध्या की भूमिका पर सवाल उठाए.
मामला दर्ज कर जब पुलिस ने तफ्तीश शुरू की, तो आरोपियों के बयानों में काफी विरोधाभास मिला. इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की, जिसके सामने आरोपी टिक नहीं सके. पुलिस पूछताछ में संध्या, अनिल और वेंकट साई ने स्वेच्छा से अपना जुर्म कबूल कर लिया है. अदालत ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है.













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