Bihar Issues Health Advisory: नेपाल की बाढ़ के साथ बिहार की नदियों में पहुंचे 'अनोखी' मछलियां, सरकार ने जारी की हेल्थ एडवाइजरी, खाने से किया मना
बिहार सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ में पकड़ी गई किसी भी मछली की खरीद-बिक्री या सेवन न करें. साथ ही यदि किसी को अनजान या मृत मछली दिखाई दे तो इसकी जानकारी तुरंत अपने जिले के मत्स्य अधिकारी या जिला प्रशासन को दें.
Bihar Issues Health Advisory: नेपाल में आई बाढ़ का असर अब बिहार की नदियों पर भी देखने को मिल रहा है. बिहार सरकार ने मंगलवार को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को बाढ़ के पानी के साथ बहकर आई अनजान मछलियों को पकड़ने, खरीदने, बेचने या खाने से बचने की सलाह दी है. डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मत्स्य निदेशालय की ओर से जारी यह चेतावनी उन रिपोर्टों के बाद आई है, जिनमें पश्चिम चंपारण और गोपालगंज समेत सीमावर्ती जिलों में बाढ़ के दौरान पकड़ी गई अनोखी मछलियां खाने के बाद लोगों के बीमार पड़ने की जानकारी सामने आई. Bihar Flood Update: बिहार इस साल भी बाढ़ की चपेट में, अब तक 26 की मौत, 13 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; देखें जूझती ज़िंदगियों का VIDEO
स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती हैं बाढ़ के पानी की मछलियां
राज्य सरकार के अनुसार, नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण बहकर आने वाली मछलियां गंभीर जैविक प्रदूषण के संपर्क में आ जाती हैं. इसलिए नदी की स्थिति सामान्य होने तक इन्हें मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता.
सीवेज और रासायनिक प्रदूषण का खतरा
सरकारी एडवाइजरी के मुताबिक, नेपाल की त्रिशूली नदी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में आई फ्लैश फ्लड अपने साथ सीवेज, कृषि अपशिष्ट, पशुओं के शव और जैविक कचरा बहाकर गंडक और कोसी जैसी सीमावर्ती नदियों में ले आई है. ऐसे में लंबी दूरी तक बहकर आने वाली मछलियों में बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और रासायनिक प्रदूषकों की मौजूदगी की आशंका काफी अधिक रहती है.
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान मछली को केवल सामान्य खाने वाली मछली जैसी दिखने के आधार पर सुरक्षित न मानें. यदि ऐसी मछली खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर आना या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
विशेषज्ञों ने की विशाल कैटफिश की पहचान
वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI) के विशेषज्ञों ने गंडक नदी क्षेत्र में दिखाई दे रही कई बड़ी और अनजान मछलियों की पहचान Bagarius bagarius के रूप में की है. इसे आमतौर पर Goonch Catfish या स्थानीय भाषा में 'गोचिता' कहा जाता है.
यह बड़ी मांसाहारी मीठे पानी की मछली भारत, नेपाल और दक्षिण-पूर्व एशिया की तेज बहाव वाली नदियों में पाई जाती है. यह आमतौर पर गहरे और चट्टानी हिस्सों में रहती है. विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि कुछ नदी किनारे रहने वाले समुदाय इस मछली का सेवन करते हैं, लेकिन मरने के बाद इसका मांस बहुत जल्दी खराब हो जाता है. यदि यह प्रदूषित और ठहरे हुए बाढ़ के पानी में बहकर आती है तो इससे फूड पॉइजनिंग का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है.
सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश
बिहार सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ में पकड़ी गई किसी भी मछली की खरीद-बिक्री या सेवन न करें. साथ ही यदि किसी को अनजान या मृत मछली दिखाई दे तो इसकी जानकारी तुरंत अपने जिले के मत्स्य अधिकारी या जिला प्रशासन को दें.
पश्चिम चंपारण और गोपालगंज के जिला अधिकारियों को स्थानीय मछली बाजारों पर निगरानी रखने और बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों की बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए हैं. उत्तर बिहार में राहत और बचाव कार्यों के बीच प्रशासन इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है.