NEET Protest: 'देश के बच्चों से झूठ मत बोलिए'; दिल्ली पुलिस की तारीफ पर राहुल गांधी का किरेन रिजिजू और मोदी सरकार पर तीखा हमला
नीट पेपर लीक और परीक्षा धांधली को लेकर संसद के पास छात्रों के प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा दिल्ली पुलिस की तारीफ किए जाने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कड़ा पलटवार किया है. राहुल गांधी ने सरकार पर छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बच्चों से झूठ बोलना बंद करे.
नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन से निपटने के तरीके को लेकर मंगलवार को सियासत गर्मा गई. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री (Union Parliamentary Affairs Minister) किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) के उस बयान पर तीखा हमला बोला, जिसमें रिजिजू ने दिल्ली पुलिस के संयम की सराहना की थी.
राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संसद से महज आधा किलोमीटर दूर शांतिपूर्ण छात्रों पर कील लगी लाठियां और पैलेट गन चलाई गईं. उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि वह देश के युवाओं और छात्रों से झूठ बोलना बंद करे. यह भी पढ़ें: Rahul Gandhi Pune Visit: 22 अगस्त को पुणे में छात्राओं से संवाद करेंगे राहुल गांधी, 'छात्रों की गूंज' का होगा Girls-Only Edition
किरेन रिजिजू का बयान: 'पुलिस ने नहीं होने दिया गंभीर नुकसान'
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दिल्ली पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा था कि सुरक्षा बलों ने बिना किसी गंभीर चोट या जनहानि के हजारों की भारी भीड़ को कुशलतापूर्वक नियंत्रित किया.
रिजिजू ने कहा कि जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की तरफ कूच करने की कोशिश की, तभी पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया. उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में कई असामाजिक और राजनीतिक तत्वों की घुसपैठ के बावजूद किसी भी प्रदर्शनकारी की हड्डी नहीं टूटी और न ही कोई गंभीर रूप से अस्पताल में भर्ती हुआ, जिसके लिए दिल्ली पुलिस की सराहना की जानी चाहिए.
रिजिजू ने संसद में विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया
राहुल गांधी का पलटवार: 'क्या इस बर्बरता की तारीफ होनी चाहिए?'
रिजिजू के बयानों को खारिज करते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा:
"मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि 'दिल्ली पुलिस की तारीफ करनी चाहिए.' संसद से आधा किलोमीटर दूर, शांतिपूर्ण छात्रों पर पैलेट गन चली, कील लगी लाठियां चलीं, एक बच्चे की आंख चली गई, एक बच्ची का कान कट गया। क्या इस बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए? मैं खुद उन घायल बच्चों से मिला हूं."
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार का मूल मंत्र 'असत्य और हिंसा' बन चुका है—पहले छात्रों पर लाठियां चलाई जाती हैं और फिर दावा किया जाता है कि कुछ हुआ ही नहीं. उन्होंने आगे कहा कि देश के बच्चों के पास आंखें और याददाश्त दोनों हैं, इसलिए सरकार उनसे सच न छिपाए.
'बच्चों से झूठ न बोलें'
पीएम मोदी और गृह मंत्री पर भी साधे निशाने
राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश भर के लाखों छात्र पेपर लीक के कारण संकट में हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने अब तक छात्रों से माफी नहीं मांगी है, जबकि गृह मंत्री संसद सत्र के दौरान विपक्ष के सवालों से बचते रहे.
पेपर लीक और छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह पूरा विवाद नीट और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और प्रशासनिक विसंगतियों के विरोध में हुए देशव्यापी छात्र आंदोलनों से जुड़ा है.
एक ओर जहां केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानून लाने और दोषियों को त्वरित सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की बात कही है, वहीं विपक्षी दल परीक्षा संचालन प्रणाली में व्यापक सुधार और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन की जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़े हुए हैं.