देश

NEET-PG Admission: सुप्रीम कोर्ट ने 27 प्रतिशत ओबीसी और 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस कोटे के साथ काउंसलिंग की अनुमति दी

सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को वर्तमान शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण सहित स्नातकोत्तर चिकित्सा परामर्श और प्रवेश के लिए रास्ता साफ कर दिया.

NEET-PG Admission: सुप्रीम कोर्ट ने 27 प्रतिशत ओबीसी और 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस कोटे के साथ काउंसलिंग की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट (Photo Credits: Wikimedia Commons)

नई दिल्ली, 7 जनवरी : सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को वर्तमान शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण सहित स्नातकोत्तर चिकित्सा परामर्श और प्रवेश के लिए रास्ता साफ कर दिया. न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ और ए.एस. बोपन्ना वाली स्पेशल बेंच ने ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत और नीट-यूजी और नीट-पीजी के लिए 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा. हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि वह इस साल मार्च में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए 8 लाख रुपये की आय के मानदंड के औचित्य पर फैसला करेगी.

स्नातकोत्तर मेडिकल प्रवेश में ईडब्ल्यूएस कोटे की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं और कोटा के पक्ष में केंद्र के तर्क को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को एक दिन की सुनवाई के बाद, अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति है, जहां राष्ट्रीय हित में, काउंसलिंग शुरू होनी है, जो रेजिडेंट डॉक्टरों के विरोध की एक प्रमुख मांग भी थी. जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और ए.एस. बोपन्ना ने कहा, "हम ऐसी स्थिति में हैं, जहां राष्ट्रहित में काउंसिलिंग शुरू करना है." केंद्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि मौजूदा मानदंडों के अनुसार ईडब्ल्यूएस कोटा के लिए पात्र सभी उम्मीदवारों को पंजीकरण के लिए अपने प्रमाण पत्र मिल गए हैं. उन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस कोटा को समायोजित करने के लिए सभी सरकारी कॉलेजों में सीटों में वृद्धि की गई है. यह भी पढ़ें : Flurona Scare: पेरू में ‘फ्लूरोना’ से पहली मौत, नहीं लगवाई थी कोरोना वैक्सीन

उन्होनें कहा, "तो, यह सामान्य श्रेणी के छात्रों की संभावनाओं को नुकसान नहीं पहुंचाएगा .." मेहता ने यह भी स्पष्ट किया कि सुपर-स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों में कोई आरक्षण नहीं है और कोई भी निर्णय दूरस्थ रूप से यह नहीं बताता है कि पीजी पाठ्यक्रमों में आरक्षण नहीं हो सकता है. ईडब्ल्यूएस कोटा के पहलू पर, उन्होंने कहा कि जब सरकार ने 8 लाख रुपये की आय सीमा तय करने का फैसला किया तो एक व्यापक अध्ययन और व्यापक परामर्श किया गया था. केंद्र ने ईडब्ल्यूएस मानदंड पर फिर से विचार करने के लिए गठित तीन सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 07, 2022 12:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).