Nashik Rain Alert: नासिक में रेड अलर्ट, बादल फटने जैसी बारिश की चेतावनी के बीच स्कूल-कॉलेज और त्र्यंबकेश्वर मंदिर के कपाट बंद; VIDEO
नाशिक, त्र्यंबकेश्वर और इगतपुरी बेल्ट में मौसम विभाग द्वारा ढगफुटी (क्लाउडबर्स्ट) जैसी भीषण बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन ने 'रेड अलर्ट' जारी किया है. सुरक्षा के मद्देनजर 7 जुलाई 2026 को सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और त्र्यंबकेश्वर सहित प्रमुख मंदिरों के कपाट भी बुधवार सुबह तक के लिए बंद रखे गए हैं.
Nashik Rain Alert: महाराष्ट्र के नाशिक जिले में मानसून ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और राज्य प्रशासन द्वारा नाशिक-त्र्यंबकेश्वर-इगतपुरी बेल्ट में 'ढगफुटी' (क्लाउडबर्स्ट) जैसी अत्यधिक भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी किए जाने के बाद पूरे जिले को हाई अलर्ट (Red Alert) पर रखा गया है. अरब सागर के ऊपर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र के कारण इस क्षेत्र में कुछ ही घंटों के भीतर 300 मिलीमीटर (mm) तक मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नाशिक के जिला अधिकारी आयुष प्रसाद ने नाशिक शहर सहित छह प्रमुख तालुकों में आज, 7 जुलाई को सभी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है.
एहतियातन बंद किए गए प्रमुख तीर्थ स्थल और साप्ताहिक बाजार
सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और लोगों की आवाजाही को कम करने के लिए प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं. इतिहास में संभवतः पहली बार, प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर मंदिर और वणी स्थित सप्तशृंगी देवी मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बुधवार सुबह तक पूरी तरह बंद कर दिया गया है. यह भी पढ़े: Mumbai Water Stock Update: भारी बारिश के बाद मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले सातों जलाशयों का जलस्तर बढ़कर 28.92 फीसदी पहुंचा; पिछले 24 घंटों में 12% का उछाल
नासिक में स्कूल-कॉलेज आज बंद
VIDEO | Maharashtra: Nashik on high alert as IMD warns of cloudburst-like rainfall. Schools shut.#Monsoon #NashikRains #WeatherUpdate
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— Press Trust of India (@PTI_News) July 7, 2026
प्रशासन ने बाहरी क्षेत्रों से आने वाले तीर्थयात्रियों से फिलहाल अपनी यात्रा स्थगित करने की अपील की है. इसके अलावा, जिले के सभी ग्रामीण इलाकों के साप्ताहिक बाजारों को सस्पेंड कर दिया गया है. नाशिक इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (NIMA) ने भी निजी कंपनियों को सलाह दी है कि वे अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की अनुमति दें.
पर्यटन स्थलों पर पाबंदी और सड़कों की नाकेबंदी
लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं (60 से 70 किमी प्रति घंटा) के कारण पहाड़ी इलाकों में दरारें और भूस्खलन (landslides) का खतरा बढ़ गया है. स्थानीय पुलिस ने एहतियात के तौर पर कोंकण और नाशिक को जोड़ने वाले संवेदनशील रास्तों, ऐतिहासिक किलों, झरनों और मानसून पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी है. नागरिकों से अपील की गई है कि वे बहुत जरूरी न होने पर घरों से बाहर न निकलें और बहते पानी के रास्तों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें.
आपदा प्रबंधन और राहत कार्य तेज
राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने खुद नाशिक पहुंचकर आपातकालीन तैयारियों की कमान संभाल ली है. निचले और बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षा एजेंसियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर अब तक 100 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. धुले (Dhule) से राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की एक विशेष टीम को भी नाशिक नगर निगम की मदद के लिए तैनात किया गया है. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी आवश्यक सरकारी कर्मचारियों, पुलिस बल और स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं.
जल प्रणालियों और रेलवे नेटवर्क पर कड़ी निगरानी
भौगोलिक रूप से नाशिक का क्षेत्र पहाड़ी होने के कारण यहां अचानक बाढ़ (Flash Floods) आने का जोखिम अधिक रहता है. सिंचाई विभाग के अधिकारी बांधों और जलाशयों के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रख रहे हैं ताकि पानी के डिस्चार्ज को नियंत्रित किया जा सके. इसके साथ ही, इगतपुरी से होकर गुजरने वाले देश के महत्वपूर्ण मुंबई-दिल्ली रेल कॉरिडोर पर भी पटरियों में जलभराव की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है. रेलवे की तकनीकी टीमें रूट पर लगातार गश्त कर रही हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 07, 2026 09:59 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

