PM Modi Record: नरेंद्र मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले 'निर्वाचित' प्रधानमंत्री; अमेरिकी सीनेटर और वैश्विक दिग्गजों ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकतांत्रिक जनादेश के माध्यम से भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले 'निर्वाचित' प्रधानमंत्री बनने की एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है. उन्होंने कार्यालय में 4,399 दिन पूरे कर लिए हैं. इस मील के पत्थर पर अमेरिकी सांसदों, व्यापारिक नेताओं और वैश्विक हस्तियों ने उन्हें बधाई दी है. वाशिंगटन से सीनेटर जॉन कॉर्निन और प्रसिद्ध गायिका मैरी मिलबेन सहित अन्य वैश्विक दिग्गजों ने इस कार्यकाल को भारत के वैश्विक उदय और गरीबी उन्मूलन के लिहाज से अत्यंत परिवर्तनकारी बताया है.
वाशिंगटन, 10 जून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने लोकतांत्रिक इतिहास में एक अभूतपूर्व मील का पत्थर स्थापित करते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले 'निर्वाचित' प्रधानमंत्री ('Elected' Prime Minister) बनने का गौरव हासिल किया है. इस ऐतिहासिक अवसर पर अमेरिकी सांसदों, शीर्ष व्यापारिक दिग्गजों और वैश्विक स्तर पर सक्रिय भारतीय प्रवासियों ने उनकी जमकर सराहना की है. वैश्विक नेताओं ने भारत के वैश्विक कद को बढ़ाने, आर्थिक समृद्धि लाने और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों को एक नए रणनीतिक शिखर पर ले जाने का श्रेय पीएम मोदी के दृढ़ नेतृत्व को दिया है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या पीएम नरेंद्र मोदी ने 320 बार किया था ‘एपस्टीन आइलैंड’ का दौरा? जानें वायरल सोशल मीडिया दावे का पूरा सच
अमेरिकी सीनेटर जॉन कॉर्निन ने दी बधाई; कार्यकाल को बताया परिवर्तनकारी
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देने वालों में अमेरिकी सीनेटर जॉन कॉर्निन सबसे आगे रहे. उन्होंने पीएम मोदी के कार्यालय में 4,399 दिन पूरे होने पर आधिकारिक तौर पर बधाई संदेश जारी किया. सीनेटर कॉर्निन ने अपने संदेश में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई. तीन लोकतांत्रिक जनादेशों के माध्यम से 1.4 अरब लोगों के अटूट विश्वास की बदौलत उन्होंने नेतृत्व के 4,399 दिन अर्जित किए हैं."
उन्होंने आगे कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी के चक्रव्यूह से बाहर निकालने से लेकर भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाने तक, प्रधानमंत्री मोदी का यह कार्यकाल पूरी तरह से परिवर्तनकारी (Transformational) रहा है. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान में भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी इतिहास के सबसे मजबूत दौर में है.
गायिका मैरी मिलबेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल से बधाई दी
अमेरिकी सीनेटर जॉन कॉर्निन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी
"2026 का भारत अब 2014 का भारत नहीं है"; व्यापारिक जगत ने माना लोहा
इंडियन अमेरिकन सीईओ काउंसिल के सह-संस्थापक और टेक्सास इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने इस मील के पत्थर पर एक विशेष टिप्पणी साझा की. उन्होंने कहा कि यह अवसर पिछले बारह वर्षों के दौरान भारत में आए बुनियादी बदलावों को देखने और समझने का एक बड़ा माध्यम है. अग्रवाल ने लिखा, "साल 2026 का भारत अब 2014 का भारत नहीं रहा. आज यह सच्चाई पूरी तरह अकाट्य है कि भारत वैश्विक मंच पर पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत स्थिति में खड़ा है, पूरी मुखरता से बोलता है और दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है."
इसी कड़ी में, पालो अल्टो नेटवर्क्स (Palo Alto Networks) के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) निकेश अरोड़ा ने भी प्रधानमंत्री मोदी को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी. अरोड़ा ने उनके 4,399 दिनों के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि 1.4 अरब भारतीयों के भरोसे पर टिकी यह विकास यात्रा अद्भुत है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका की व्यावसायिक व तकनीकी साझेदारी इसी तरह नई ऊंचाइयों को छूती रहेगी.
अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने बताया 'ऐतिहासिक लोकतांत्रिक मील का पत्थर'
प्रसिद्ध अमेरिकी गायिका और भारत की वैश्विक समर्थक मैरी मिलबेन ने इस क्षण को एक महान राष्ट्र की यात्रा में "एक ऐतिहासिक और लोकतांत्रिक मील का पत्थर" करार दिया. मिलबेन ने कहा, "आज, मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने के इस महान रिकॉर्ड पर अपनी दिली बधाई देती हूँ. 1.4 अरब भारतीयों की प्रगति, एकता और आकांक्षाओं के प्रति आपकी निरंतर प्रतिबद्धता और एक मजबूत 'भारत' के आपके अटूट दृष्टिकोण ने एक नए परिवर्तनकारी युग को आकार दिया है."
मैरी मिलबेन ने विशेष रूप से नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच कूटनीतिक संबंधों को कुशलतापूर्वक संभालने के लिए पीएम मोदी की सराहना की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों के साथ काम किया—जिनमें से कुछ के साथ उनके बेहतरीन व्यक्तिगत संबंध रहे और दूसरों के प्रति उन्होंने कूटनीतिक गरिमा दिखाई, लेकिन उन्होंने कभी भी भारतीय जनता के हितों और दोनों देशों की भलाई को सर्वोपरि रखने वाली अपनी स्पष्ट कूटनीति से समझौता नहीं किया. उन्होंने इस उपलब्धि को भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक महान प्रेरणा बताया.