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अत्यधिक मानसिक और मनोवैज्ञानिक आघात में थे नरेंद्र गिरि: चार्जशीट

महंत नरेंद्र गिरी मौत मामले के तीनों आरोपियों ने उन्हें बदनाम करने और अत्यधिक मानसिक और मनोवैज्ञानिक आघात पहुंचाने के लिए एकआपत्तिजनक ऑडियो प्रसारित किया था जिसके कारण उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले में दायर 19 पन्नों के आरोपपत्र में कहा है कि आरोपी आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी हैं.

अत्यधिक मानसिक और मनोवैज्ञानिक आघात में थे नरेंद्र गिरि: चार्जशीट
Mahant Narendra Giri File Photo, Credit-ANI

प्रयागराज, 26 नवंबर: महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) मौत मामले के तीनों आरोपियों ने उन्हें बदनाम करने और अत्यधिक मानसिक और मनोवैज्ञानिक आघात पहुंचाने के लिए एकआपत्तिजनक ऑडियो प्रसारित किया था जिसके कारण उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले में दायर 19 पन्नों के आरोपपत्र में कहा है कि आरोपी आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी हैं. Mahant Narendra Giri Death Case: CBI ने महंत नरेंद्र गिरि मौत के मामले में आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट मांगा

महंत के अपनी मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो को सीबीआई ने सुबूत के रूप में माना है, जबकि फोरेंसिक और लिखावट विश्लेषण के लिए भेजे गए सात पन्नों के सुसाइड नोट की रिपोर्ट का इंतजार है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर को प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी में मृत पाए गए थे. चार्जशीट में कहा गया है कि 26 मई को लखनऊ में आनंद और महंत के बीच समझौता हुआ था, लेकिन बात नहीं बनी.

महंत नरेंद्र गिरि 2004 में बाघंबरी मठ के प्रमुख बने और आनंद 2005 में उनके शिष्य बने. उनके बीच मतभेद तब पैदा हुए जब आनंद ने 'गंगा सेना' बनाई और महंत की अनुमति के बिना एक शिविर आयोजिन किया. महंत ने 7 जनवरी 2010 को अपने उत्तराधिकारी के रूप में स्वामी बलबीर गिरि को नामित किया लेकिन 29 अगस्त 2011 को आनंद को एक नई वसीयत में नामित किया गया. महंत ने 4 जून, 2020 को फिर से अपनी वसीयत बदल दी, बलबीर को अपना उत्तराधिकारी नामित किया और कहा कि आनंद ने विदेशों का दौरा करना शुरू कर दिया है और एक अलग यूनिट बना ली है.

महंत ने अपनी वसीयत में कहा था कि आनंद 'धार्मिक विरोधी' गतिविधियों में शामिल था. सीबीआई जांच में कहा गया है कि आनंद ने निरंजनी अखाड़े के महंत रवींद्र पुरी से वार्ताकार की भूमिका निभाने और उनका निष्कासन रद्द करने का अनुरोध किया. रवींद्र ने महंत को 23 मई को फोन किया जिसे आनंद ने रिकॉर्ड कर लिया. इस बातचीत के दौरान आनंद ने महंत को धमकी देते हुए कहा कि उनके पास कई आपत्तिजनक ऑडियो और वीडियो हैं.

नरेंद्र गिरि ने 11 सितंबर को अपने शिष्यों से 'सल्फास' और शरीर पर इसके प्रभाव के बारे में पूछा और 19 सितंबर को उन्होंने एक अन्य शिष्य को नायलॉन की रस्सी लाने के लिए कहा था. सीबीआई की चार्जशीट में उल्लेख किया गया है कि महंत को अतिथि कक्ष के अंदर नायलॉन की रस्सी ले जाते हुए देखा गया था और अगले दिन उन्होंने अपने शिष्यों से कहा कि आनंद उनकी एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति मेंवीडियो जारी करने वाला हैं. सीबीआई ने उल्लेख किया है कि महंत के फोन में मिले वीडियो से पता चला है कि वह साजिश के कारण गंभीर आघात में थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 26, 2021 02:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).