Mumbai's Tansa Lake Overflows: मुंबईकरों के लिए खुशखबरी! भारी बारिश से तानसा झील ओवरफ्लो, बांध के गेट खोले गए
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार लगातार हो रही मानसूनी बारिश के चलते मुंबई को पानी आपूर्ति करने वाली प्रमुख तानसा झील ओवरफ्लो हो गई है. जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बांध के दरवाजे खोल दिए गए हैं.
Mumbai's Tansa Lake Overflows: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाली प्रमुख तानसा झील बुधवार सुबह लगभग 8.51 बजे पूरी तरह भरकर बहने (ओवरफ्लो) लगी है. झील में पानी का स्तर अधिकतम क्षमता तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के तौर पर तानसा बांध के दरवाजे खोल दिए हैं.
तानसा झील की कुल जल भंडारण क्षमता 14,508 करोड़ लीटर है. कैचमेंट एरिया यानी जलग्रहण क्षेत्रों में बीते दिनों हुई तेज बारिश के कारण झील का जलस्तर तेजी से बढ़ा. इस मानसून सीजन में झील के लबालब होने से मुंबई शहर की जल आपूर्ति को बड़ी राहत मिली है. यह भी पढ़े: Mumbai Lake Water Update: मुंबईकरों के लिए राहत की खबर, बारिश से झीलों का जलस्तर बढ़कर 57.75% हुआ; 24 घंटे में 3.70% बढ़ा पानी का भंडार
BMC का आधिकारिक अपडेट
बृहन्मुंबई नगर निगम ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर पुष्टि की कि सुबह 8.51 बजे तानसा झील अपनी कुल क्षमता (14,508 करोड़ लीटर) तक भरकर ओवरफ्लो होने लगी.
प्रशासन के अनुसार, बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के मद्देनजर आसपास के निचले इलाकों और नदी के तट पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जल स्तर की लगातार निगरानी की जा रही है.
बीएमसी का पोस्ट:
जलाशयों का बढ़ा जलस्तर
तानसा झील के ओवरफ्लो होने के साथ ही मुंबई को पानी देने वाली अन्य झीलों के जलस्तर में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सात प्रमुख जलाशयों का संयुक्त जल साठा तेजी से बढ़कर 61% के पार पहुंच गया है.
अपर वैतरणा, भातसा, मोदक सागर, मिडिल वैतरणा, तुलसी और बिहार जैसी अन्य झीलों के कैचमेंट एरिया में भी अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है. इससे पहले विहार और तुलसी झीलें भी ओवरफ्लो हो चुकी हैं.
शहर को जल संकट से मिली बड़ी राहत
बीते 24 घंटों में जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हुई बारिश ने मुंबई के जल भंडार को काफी मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है.
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि झीलों में पानी की यह बढ़ोतरी आगामी महीनों में मुंबईकरों को नियमित और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करेगी. यदि बारिश का यह दौर जारी रहता है, तो अन्य प्रमुख जलाशयों के भी जल्द ही अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंचने की उम्मीद है.