Mumbai Weather Today: गणपति बप्पा के आगमन के बीच मुंबई में आज कैसा रहेगा मौसम? जानें ताजा अपडेट
गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर सोमवार, 14 सितंबर 2026 को मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में श्रद्धालुओं का स्वागत हल्की बौछारों और घनी बूंदाबांदी के साथ हो रहा है. भारत IMD के अनुसार, शहर में दिनभर रुक-रुक कर बारिश और उच्च आर्द्रता (Humidity) बनी रहने की संभावना है.
Mumbai Weather Today: गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर सोमवार, 14 सितंबर 2026 को मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में श्रद्धालुओं का स्वागत हल्की बौछारों और घनी बूंदाबांदी के साथ हो रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शहर में दिनभर रुक-रुक कर बारिश और उच्च आर्द्रता (Humidity) बनी रहने की संभावना है. गणेशोत्सव के पहले दिन 'बाप्पा' की अगवानी के लिए निकलने वाले श्रद्धालुओं को मौसम के इस मिजाज को ध्यान में रखते हुए तैयारियां करने की सलाह दी गई है.
तापमान और आर्द्रता का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को शहर का न्यूनतम तापमान 25°C से 26°C के आसपास रहने का अनुमान है, जो दोपहर तक बढ़कर अधिकतम 29°C तक पहुंच सकता है. हालांकि, हवा में 90% से अधिक की उच्च आर्द्रता होने के कारण वास्तविक तापमान (Real Feel) 30°C या उससे अधिक महसूस होगा. यह भी पढ़े: Lalbaugcha Raja Live Darshan: मुंबई में आज से गणेशोत्सव की धूम, घर बैठे ऐसे करें लालबागचा राजा के लाइव दर्शन
दिन के समय हवा की गति 11 किमी/घंटा से 17 किमी/घंटा के बीच रहने की संभावना है, जिससे तटीय इलाकों में हल्की ठंडक का अहसास हो सकता है.
दिनभर कैसा रहेगा बारिश का पैटर्न?
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सुबह का समय: सुबह हल्की बौछारों के साथ शुरुआत हुई है, जो दोपहर तक घनी बूंदाबांदी और हल्की से मध्यम बारिश में तब्दील हो सकती है.
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शाम का समय: शाम 6:00 बजे के आसपास बारिश की संभावना 85% से अधिक बनी रहेगी.
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रात का समय: रात 8:00 बजे के बाद एक बार फिर घनी बूंदाबांदी की आशंका है, जो देर रात तक हल्की बौछारों के रूप में जारी रह सकती है.
पिछले 48 घंटों का हाल और जलभराव की चेतावनी
उल्लेखनीय है कि पिछले 48 घंटों के दौरान मुंबई और पड़ोसी जिलों (ठाणे और पालघर) में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की गई थी, जिससे कुछ निचले इलाकों में अस्थायी जलभराव देखा गया था. मौसम विभाग ने सतर्क किया है कि हालांकि सोमवार को बारिश की तीव्रता मध्यम रहेगी, लेकिन तटीय क्षेत्रों और नीचले इलाकों में यातायात और पंडाल दर्शन के दौरान सतर्कता बरतना आवश्यक है.