Mumbai Water Metro Service: मुंबईवासियों के लिए खुशखबरी, 25 मई को पहुंचेगी पहली वॉटर मेट्रो 'कॅन्डेला P-12', जून से शुरू होगा ट्रायल रन

मुंबई के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है. शहर की पहली वॉटर मेट्रो 'कॅन्डेला P-12' अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बोट 25 मई को मुंबई बंदरगाह पहुंचेगी, जिसके बाद जून से इसका ट्रायल रन शुरू किया जाएगा

(Photo Credits WC)

Mumbai Water Metro Service: मुंबई की सड़कों पर रोजाना लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम और लोकल ट्रेनों की भीड़ से परेशान रहने वाले मुंबईकरों के लिए एक अच्छी खबर है. मुंबई की पहली वॉटर मेट्रो 'कॅन्डेला P-12' (Candela P-12) कल यानी 25 मई को मुंबई बंदरगाह पर पहुंच रही है. इस अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वॉटर टैक्सी के आने से मुंबई के निवासियों को पर्यावरण के अनुकूल और आरामदायक यात्रा का एक नया विकल्प मिलेगा. महाराष्ट्र के मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की है. इस नाव के आगमन के साथ ही मुंबई में वॉटर मेट्रो सेवा शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.

जून के पहले हफ्ते से शुरू होगा ट्रायल

मंत्री नितेश राणे के अनुसार, 25 मई को बोट मुंबई पहुंचने के बाद जून के पहले सप्ताह से इस इलेक्ट्रिक फेरी का तकनीकी परीक्षण (ट्रायल रन) शुरू कर दिया जाएगा. इस ट्रायल के सफल होने के बाद मुंबई के आम यात्रियों के लिए इस जल परिवहन सेवा को आधिकारिक तौर पर खोल दिया जाएगा. शुरुआती चरण में टेस्टिंग के लिए आ रही 'कॅन्डेला P-12' बोट की क्षमता 30 यात्रियों को ले जाने की है.  यह भी पढ़े: BKC Pod Taxi Project: मुंबईवासियों के लिए खुशखबरी! बीकेसी पोड पॉड टैक्सी को मिली पर्यावरण मंजूरी, 3 साल में पूरा होगा निर्माण कार्य! खर्च आएगा ₹1,016 करोड़

पर्यावरण अनुकूल तकनीक और तेज रफ्तार

'कॅन्डेला P-12' पूरी तरह से आधुनिक तकनीक से लैस एक इलेक्ट्रिक फेरी है. पारंपरिक डीजल नौकाओं की तुलना में यह बोट लगभग 80 प्रतिशत कम ऊर्जा की खपत करती है और इसका कार्बन उत्सर्जन शून्य है. इस वजह से पर्यावरण के दृष्टिकोण से इस प्रोजेक्ट को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह वॉटर मेट्रो करीब 46 किलोमीटर प्रति घंटे (25 नॉट्स) की रफ्तार से पानी में चल सकती है, जिससे यात्रियों के समय की बड़ी बचत होगी.

50 और 100 सीटों वाली नौकाओं के लिए नॉर्वे से बातचीत

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की करीब 877 किलोमीटर लंबी तटरेखा (कोस्टलाइन) को आधुनिक जल परिवहन से जोड़ने का एक बड़ा खाका तैयार किया है. मुंबई वॉटर मेट्रो इसी महत्वाकांक्षी योजना का एक प्रमुख हिस्सा है.

भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार 50 और 100 सीटों की क्षमता वाली बड़ी इलेक्ट्रिक नावें खरीदने की योजना पर काम कर रही है. इसके लिए नॉर्वे की प्रमुख बोट निर्माता कंपनियों के साथ बातचीत अंतिम दौर में चल रही है.

मुंबई के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में आएगा बड़ा बदलाव

मुंबई में हर साल बढ़ती वाहनों की संख्या, सड़कों की खराब स्थिति और समय की बर्बादी को रोकने के लिए जल परिवहन को एक स्थाई और प्रभावी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. पहले चरण में यह सेवा मुंबई के प्रमुख तटीय इलाकों को आपस में जोड़ेगी. शहरी विकास और बंदरगाह विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम होगा, बल्कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी.

Share Now