Mumbai Water Cut Update: महाराष्ट्र में सूखे के बीच मुंबईकरों की बढ़ी चिंता, झीलें पूरी तरह नहीं भरने से 10% पानी की कटौती जारी

बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई को जलापूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों—भाटसा, अपर वैतरणा, मध्य वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी—में जल स्तर लगभग 96 प्रतिशत के करीब दर्ज किया गया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

 Mumbai Water Cut Update: महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून की अनिश्चितता और ग्रामीण इलाकों में गहराते सूखे के संकट को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने मुंबई शहर और उपनगरों में 10 प्रतिशत पानी की कटौती को जारी रखने का निर्णय लिया है. राज्य सरकार द्वारा 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित करने और अन्य 19 अतिरिक्त तालुकों में सूखे के आकलन का आदेश देने के बीच, भविष्य की पेयजल जरूरतों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है.

जलाशयों में पानी का वर्तमान स्टॉक

बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई को जलापूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों—भाटसा, अपर वैतरणा, मध्य वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी—में जल स्तर लगभग 96 प्रतिशत के करीब दर्ज किया गया है.  यह भी पढ़े:  Mumbai Lakes Water Stock: मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों में 97% से अधिक जल भंडारण हुआ जमा, BMC ने साझा की 27 सितंबर की स्थिति

हालांकि जल स्तर संतोषजनक स्थिति में दिख रहा है, फिर भी राज्य सरकार और सिंचाई विभाग ने आगामी गर्मी के महीनों और अगले साल मानसून की शुरुआत (अगस्त 2027) तक पेयजल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए यह एहतियाती निर्णय लिया है.

राज्य में सूखे की स्थिति और 19 अतिरिक्त तालुका

महाराष्ट्र सरकार ने कम बारिश के कारण राज्य के 358 में से 265 तालुकों को पहले ही सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है. इसके अलावा, जन प्रतिनिधियों की मांग पर सरकार ने 8 जिलों के 19 और तालुकों में फसलों के 20 प्रतिशत सर्वेक्षण और जमीनी आकलन के निर्देश जारी किए हैं.

विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के जिलों में पानी और चारे की भारी कमी की आशंका जताई जा रही है. राज्य सरकार की प्राथमिकता सिंचाई के स्थान पर पीने के पानी को सुरक्षित करना है, जिससे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) और आसपास के शहरी क्षेत्रों में जल आवंटन को नियंत्रित किया जा रहा है.

नागरिकों के लिए बीएमसी की अपील

बीएमसी के जल विभाग ने मुंबईकरों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और अपव्यय रोकने की अपील की है. निकाय अधिकारियों का कहना है कि जब तक राज्य के अन्य जल निकायों और भाटसा परियोजना से जल आवंटन की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक आपूर्ति में यह कटौती बनी रहेगी. नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए पानी का भंडारण पहले से कर लें और निर्माण व गैर-जरूरी कार्यों में पीने के पानी के उपयोग से बचें.

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