देश

Mumbai Water Crisis: मानसून में देरी से मुंबई पर गहराया जल संकट, BMC के जलाशयों में केवल 20 अगस्त तक का पानी

मुंबई में बढ़ते जल संकट को लेकर बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि झीलों में उपलब्ध जल स्टॉक केवल 20 अगस्त 2026 तक के लिए ही पर्याप्त है. नगर निकाय ने पानी की कमी से निपटने के लिए क्लाउड सीडिंग, विशेष दस्तों की तैनाती और नए बांध जैसी आपातकालीन और दीर्घकालिक योजनाओं का रोडमैप पेश किया है.

Mumbai Water Crisis: मानसून में देरी से मुंबई पर गहराया जल संकट, BMC के जलाशयों में केवल 20 अगस्त तक का पानी

Mumbai Water Crisis: मुंबई में गहराते जल संकट को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) मुख्यालय में पार्षदों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रशासन को घेरा. मैराथन और तीखी बहस के दौरान जनप्रतिनिधियों ने झीलों के घटते जल स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की और आपातकालीन कार्ययोजना (Contingency Plan) की मांग की. बीएमसी प्रशासन ने स्वीकार किया कि अगले तीन दिनों में बारिश के अनुमान के बावजूद, मुंबई की जल सुरक्षा पूरी तरह से मानसून के दोबारा सक्रिय होने पर निर्भर है. जून महीने में हुई कम बारिश के घाटे को केवल जुलाई की भारी बारिश ही पूरा कर सकती है.

केवल 20 अगस्त तक का पानी शेष

पार्षदों के सवालों का जवाब देते हुए अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया. उन्होंने बताया कि मुंबई की मौजूदा स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है. वर्तमान में झीलों में उपलब्ध पानी का स्टॉक केवल 20 अगस्त तक के लिए ही पर्याप्त है. मुंबई को प्रतिदिन लगभग 4,600 मिलियन लीटर (MLD) पानी की आवश्यकता होती है, जिसके मुकाबले नागरिक निकाय वर्तमान में लगभग 4,000 MLD की आपूर्ति कर पा रहा है. इस वजह से शहर में रोजाना 500 से 600 MLD पानी की किल्लत बनी हुई है.

पानी की बर्बादी रोकने के लिए आपातकालीन कदम

जल संकट के समाधान के लिए बीएमसी ने तत्काल प्रभाव से कई आपातकालीन कदम उठाने की घोषणा की है. इसके तहत कृत्रिम बारिश (क्लाउड सीडिंग) की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है. साथ ही पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए सभी 33 टैंकर फिलिंग पॉइंट पर फ्लो मीटर लगाए जा रहे हैं. निर्माण स्थलों, स्विमिंग पूल और वाहन सर्विस सेंटरों पर पीने के पानी के अवैध उपयोग की जांच के लिए विशेष दस्ते तैनात किए गए हैं. उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना और सख्त कार्रवाई की जा रही है.

कुओं को पुनर्जीवित करने की योजना

सदन के नेता गणेश खनकर ने बहस की शुरुआत करते हुए बताया कि 22 जून तक मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली सात झीलों में केवल 8.5% उपयोगी स्टॉक बचा था. उन्होंने विहार और तुलसी झीलों से गाद निकालने (डिसिल्टिंग) की मांग की, जिससे उनकी भंडारण क्षमता 20 से 25% तक बढ़ सकती है. इसके साथ ही बीएमसी ने विभिन्न वार्डों में कुओं की पहचान कर उन्हें पुनर्जीवित करने का फैसला किया है. इन कुओं के पानी को नजदीकी हाउसिंग सोसायटियों से जोड़ा जाएगा ताकि बागवानी और फ्लशिंग जैसे गैर-पेय कार्यों के लिए इसका उपयोग हो सके और पीने का पानी बचाया जा सके.

भविष्य के लिए दीर्घकालिक रोडमैप

अतिरिक्त नगर आयुक्त अभिजीत बांगर ने मुंबई की दीर्घकालिक जल सुरक्षा योजना की रूपरेखा भी साझा की. उन्होंने बताया कि शहर का लक्ष्य वर्ष 2030 तक आपूर्ति में लगभग 840 MLD अतिरिक्त पानी जोड़ने का है. यह मुख्य रूप से गारगाई बांध (440 MLD) और मनोरी डिसेलिनेशन (खारे पानी को मीठा बनाने का) प्रोजेक्ट (400 MLD) के माध्यम से पूरा किया जाएगा. गारगाई बांध परियोजना को आगामी महीनों में मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होगा और इसके 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है.

इसके अतिरिक्त, मनोरी डिसेलिनेशन प्लांट के लिए आवश्यक सभी मंजूरियां मिल चुकी हैं और मृदा परीक्षण (सॉइल टेस्टिंग) के तुरंत बाद काम शुरू हो जाएगा. इसके तहत पहले चरण में 200 MLD और उसके अगले वर्ष के भीतर 400 MLD पानी मिलने लगेगा. वर्सोवा डिसेलिनेशन प्लांट से भी एक अन्य 200 MLD पानी के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है. इन सभी परियोजनाओं से साल 2030-31 तक मुंबई की जल क्षमता में कुल 1,040 MLD की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 23, 2026 12:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).