Mumbai Vision 2047: मुंबई की बदलेगी तस्वीर! डिप्टी सीएम शिंदे का विजन, मायानगरी में 59 मिनट में यात्रा और 35 लाख किफायती घरों का लक्ष्य
सरकार राज्य का संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए मुंबई को वैश्विक वित्तीय केंद्र, पुणे को टेक्नोलॉजी व मैन्युफैक्चरिंग हब, नवी मुंबई को लॉजिस्टिक्स सेंटर और ठाणे व कल्याण-डोम्बिवली को नए ग्रोथ सेंटर के रूप में आगे बढ़ा रही है.
Mumbai Vision 2047: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Deputy CM Eknath shinde)n ने मुंबई में आयोजित 'रिपब्लिक समिट 2026' के दौरान राज्य सरकार का दूरगामी 'मुंबई विजन 2047' प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि किसी भी विकास का वास्तविक पैमाना केवल बुनियादी ढांचे या आर्थिक संकेतकों से नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में आने वाले सुधार से तय होना चाहिए.
शिंदे ने बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) का कायाकल्प न केवल महाराष्ट्र बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यह भी पढ़े: Mumbai One App: मुंबईकरों को बड़ा तोहफा, PM मोदी के हाथों मुंबई वन ऐप लॉन्च; अब मेट्रो से लेकर, लोकल ट्रेन और बस तक एक ही टिकट से कर सकेंगे सफ़र
DCM एकनाथ शिंदे का पोस्ट
'मुंबई इन मिनट्स': 59 मिनट में सफर पूरा करने का लक्ष्य
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 'मुंबई इन मिनट्स' (Mumbai in Minutes) की अवधारणा पर काम कर रही है. इसका मुख्य उद्देश्य एमएमआर के किसी भी हिस्से से दूसरे हिस्से तक की यात्रा समय को अधिकतम 59 मिनट तक सीमित करना है.
ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल, मुंबई मेट्रो लाइन 3, अटल सेतु और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं इस कनेक्टिविटी को नई गति दे रही हैं. मेट्रो नेटवर्क को मुंबई के भविष्य की रीढ़ बताया गया है.
आकार ले रही है 'थर्ड मुंबई' और एकीकृत विकास योजना
अटल सेतु के आसपास के क्षेत्र में 'थर्ड मुंबई' (Third Mumbai) को विकसित करने की प्रक्रिया जारी है. शिंदे ने कहा कि भविष्य का विकास केवल दक्षिण, पश्चिम या पूर्व मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा.
सरकार राज्य का संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए मुंबई को वैश्विक वित्तीय केंद्र, पुणे को टेक्नोलॉजी व मैन्युफैक्चरिंग हब, नवी मुंबई को लॉजिस्टिक्स सेंटर और ठाणे व कल्याण-डोम्बिवली को नए ग्रोथ सेंटर के रूप में आगे बढ़ा रही है.
वर्ष 2030 तक 35 लाख घरों का निर्माण और खुले स्थानों का विस्तार
आम नागरिकों के कल्याण के लिए सरकार ने 'माझा घर – माझा अधिकार' की अवधारणा के तहत नई आवास नीति बनाई है.
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35 लाख नए घर: वर्ष 2030 तक कम आय वाले वर्गों और जरूरतमंदों के लिए 35 लाख घरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है.
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झोपड़पट्टी मुक्त मुंबई: 'हिंदुहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे नागरी लोककल्याण अभियान' के जरिए मुंबई को स्लम-फ्री बनाने की दिशा में काम जारी है.
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खुले स्थानों में वृद्धि: शहर में वर्तमान 453 हेक्टेयर खुले स्थानों के मुकाबले नए विकास प्रारूप में 479 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र जोड़ा जाएगा, जिससे खुले स्थान लगभग दोगुने हो जाएंगे.
मुंबई बनेगी वैश्विक फिनटेक राजधानी
महाराष्ट्र विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) और निर्यात में देश के अग्रणी राज्यों में बना हुआ है. मुंबई में 1,000 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जो फिनटेक, हेल्थटेक और एडटेक जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. सरकार का लक्ष्य मुंबई को दुनिया के शीर्ष 10 वित्तीय केंद्रों में शामिल करना और वैश्विक फिनटेक राजधानी बनाना है.
पर्यावरण संतुलन पर बात करते हुए उन्होंने मैंग्रोव संरक्षण के लिए ग्रीन टीडीआर (Green TDR) और महालक्ष्मी रेसकोर्स में विश्व स्तरीय सेंट्रल पार्क के विकास का उल्लेख भी किया.