Mumbai: डोंबिवली में जलभराव के बीच दर्दनाक हादसा, सड़क पर गिरे जिंदा बिजली के तार की चपेट में आने से 24 वर्षीय महिला की मौत

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के डोंबिवली ईस्ट में मूसलाधार बारिश के बीच एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है. जलभराव से भरी सड़क पर टूटे हुए बिजली के लाइव वायर (जिंदा तार) की चपेट में आने से 24 वर्षीय महिला शशि राहुल चक्रा की मौके पर ही मौत हो गई.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit-pixabay)

मुंबई: मुंबई (Mumbai) और उसके आस-पास के इलाकों में जारी भारी मानसून (Monsoon) आफत का सबब बनता जा रहा है. मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के तहत आने वाले डोंबिवली ईस्ट इलाके में गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को जलभराव से भरी एक सड़क पर करंट लगने से 24 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई. मृतक महिला की पहचान शशि राहुल चक्रा के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के लिए जरूरी सामान खरीदने बाहर निकली थीं. लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सड़क पर पानी जमा था, जिसमें पहले से ही बिजली का एक टूटकर गिरा हुआ जिंदा तार (Live Wire) डूबा हुआ था. महिला जैसे ही उस पानी से गुजरीं, उन्हें भीषण इलेक्ट्रिक शॉक लगा और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. यह भी पढ़ें: मुंबई में दर्दनाक हादसा: साकीनाका में फोन पर बात करते हुए खुले मैनहोल में गिरा बुजुर्ग, तेज बहाव में बहने से मौत (Watch Video)

बिजली विभाग की लापरवाही पर जनता में आक्रोश

इस दर्दनाक हादसे ने स्थानीय नागरिकों के भीतर प्रशासन और बिजली वितरण कंपनी के खिलाफ भारी आक्रोश पैदा कर दिया है. डोंबिवली के निवासियों का आरोप है कि यह सीधे तौर पर बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला है.

लोगों का कहना है कि अगर समय रहते टूटे हुए तार को हटाया जाता या जलभराव वाले क्षेत्र की बिजली आपूर्ति (पावर सप्लाई) काट दी जाती, तो इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी. घटना के बाद तिलक नगर पुलिस स्टेशन की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया. सीनियर इंस्पेक्टर पंकज भालेराव ने पुष्टि की कि शशि चक्रा को तुरंत शास्त्री नगर अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम कराकर जांच शुरू कर दी गई है.

नेरुल में भी हुआ था ऐसा ही हादसा

मुंबई और नवी मुंबई के इलाकों में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की बदहाली के कारण मानसून में इस तरह के हादसों की बाढ़ आ गई है. इस घटना से ठीक एक दिन पहले, नवी मुंबई के नेरुल में सायन-पनवेल हाईवे पर पानी से भरे रास्ते से गुजरते समय भूमिगत (Underground) बिजली के खुले केबल के संपर्क में आने से मर्चेंट नेवी और लॉ के दो छात्र गंभीर रूप से झुलस गए थे. दोनों छात्रों को इलाज के लिए डीवाई पाटिल अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

प्रशासन ने जारी की कड़ी चेतावनी

मुंबई और उपनगरों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नगर निगम और क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन टीमों (Disaster Management) ने अलर्ट जारी किया है. नागरिक प्रशासन ने लोगों से सख्त अपील की है कि वे जलभराव वाली सड़कों और खुले बिजली के खंभों या ट्रांसफार्मर के पास जाने से पूरी तरह बचें. फिलहाल नगर निगम और बिजली विभाग की टीमें संवेदनशील कूटनीतिक क्षेत्रों में बिजली नेटवर्क की सुरक्षा जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.

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