Mumbai: मुंबई में SIR अभियान के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड, चुनाव आयोग के फर्जी अधिकारी बनकर बुजुर्गों से ठगे ₹30 लाख से अधिक

मुंबई में चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के नाम पर बुजुर्गों को निशाना बनाया जा रहा है. साइबर ठगों ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का झांसा देकर और फर्जी APK फाइल डाउनलोड कराकर ₹30 लाख से अधिक की चपत लगाई है.

Mumbai SIR Fraud: महाराष्ट्र में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान की आड़ में साइबर अपराधियों ने मुंबई के वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. साइबर ठग फर्जी लिंक और खतरनाक APK (Android Application Package) फाइलों का इस्तेमाल कर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं. मुंबई पुलिस में दर्ज कई मामलों के अनुसार, जालसाजों ने खुद को चुनाव आयोग (Election Commission) का अधिकारी बताकर मतदाता रिकॉर्ड में त्रुटि सुधारने का झांसा दिया और पीड़ितों से ₹30 लाख से अधिक की ठगी कर ली.

फर्जी APK फाइल के जरिए ठगी का तरीका

पुलिस जांच में सामने आया है कि साइबर ठग मुख्य रूप से बुजुर्गों को फोन या व्हाट्सएप के जरिए संपर्क करते हैं. वे दावा करते हैं कि पीड़ित के वोटर कार्ड या मतदाता सूची में नाम, पिता का नाम या पते में कोई गड़बड़ी पाई गई है.  यह भी पढ़े:   Mahanagar Gas Fraud: महानगर गैस लिमिटेड के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड, APK फाइल और कॉल फॉरवर्डिंग ट्रिक से खाली हो रहे बैंक खाते; जानें कैसे बचें

इसके बाद वे SIR फॉर्म में सुधार के नाम पर मात्र ₹5 का मामूली शुल्क देने को कहते हैं. पीड़ित को एक APK फाइल या लिंक भेजा जाता है. जैसे ही पीड़ित इस फाइल को इंस्टॉल करता है, ठगों को उनके मोबाइल फोन का रिमोट एक्सेस मिल जाता है. इसके जरिए जालसाज ओटीपी (OTP) और बैंकिंग विवरण हासिल कर खाते से पैसे उड़ा लेते हैं.

प्रमुख मामले जो पुलिस के सामने आए

साइबर पुलिस की चेतावनी और सुझाव

मुंबई पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

साइबर ठगी की स्थिति में पीड़ित तुरंत 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं या बैंक को सूचित करें.

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