Mumbai Building Collapse: मलाड में इमारत ढहने से 11 लोगों की मौत और 7 घायल, मंत्री ने बारिश को ठहराया जिम्मेदार
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) में मानसून के दस्तक के बाद से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया. बीती रात मुंबई के मलाड (Malad) इलाके में एक इमारत ढह गई. जिसके मलबे में दबने से कम 11 लोगों की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए. अभी भी कई लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है.
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) में मानसून के दस्तक के बाद से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया. बीती रात मुंबई के मलाड (Malad) इलाके में एक इमारत ढह गई. जिसके मलबे में दबने से कम 11 लोगों की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए. अभी भी कई लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है. अभी मलबा हटाने का काम जारी है. Mumbai Rains Update: मुंबई और उपनगरीय इलाकों में अगले 3-4 घंटे में हल्की बारिश की संभावना- IMD
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुंबई के पश्चिम मलाड के न्यू कलेक्टर कंपाउंड (Collector Compound) में बीती रात 11 बजे के करीब रिहायशी इमारत ढह गई. इस हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टी हुई है और 7 लोग घायल बताये जा रहे है. फिलहाल मौके पर तलाशी और बचाव अभियान जारी है.
घटना स्थल पर पहुंचे महाराष्ट्र के मंत्री असलम शेख (Aslam Shaikh) ने बताया कि यह हादसा बारिश के कारण हुआ है. उन्होंने बताया कि घायलों को बीडीबीए अस्पताल (BDBA Hospital) में भर्ती कराया गया है.
एडिशनल सीपी दिलीप सावंत (Dilip Sawant) ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. यह एक G+2 बिल्डिंग थी जो दूसरी बिल्डिंग पर गिरी थी. बुधवार रात से 18 लोगों को रेस्क्यू किया गया है. इनमें से 11 लोगों की मौत हुई है और 7 लोग घायल हैं. पुलिस घटना की पूरी जांच करेगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
उल्लेखनीय है कि मॉनसून की पहली बारिश ने बुधवार को महाराष्ट्र और मुंबई में पूरे जोश के साथ दस्तक दी, जिससे लोकल ट्रेनों और सड़क यातायात पर असर पड़ा और देश की वाणिज्यिक राजधानी के निचले इलाकों में पानी भर गया. मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ के बड़े हिस्से में भारी बारिश हुई, जिससे कई निचले इलाके जलमग्न हो गए. मुंबई और उपनगरों में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ आई बारिश से कई सड़कों पर पानी भर गया, मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे उपनगरीय सेवाएं मेनलाइन और हार्बर लाइनों पर प्रभावित हुईं.