Mumbai Monsoon Tragedy: मुंबई की सड़कों के गड्ढे बने जानलेवा, बारिश के मौसम में हादसों ने छीनी कई जिंदगियां; जानिए पिछले 5 साल का रिकॉर्ड

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में गड्ढों से जुड़े सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ा है. 2021 में 1,481 लोगों की मौत हुई थी. 2022 में यह संख्या बढ़कर 1,856 हो गई. 2023 में 2,161 लोगों की जान गई. पिछले पांच वर्षों में देशभर में गड्ढों से जुड़े हादसों में कुल 9,438 लोगों की मौत दर्ज की गई, जो समस्या की गंभीरता को दर्शाता है.

Mumbai Monsoon Tragedy: हर साल मानसून के दौरान मुंबई की सड़कों पर बनने वाले गड्ढे नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी बन जाते हैं. ये गड्ढे न केवल ट्रैफिक जाम का कारण बनते हैं, बल्कि कई बार जानलेवा हादसों की वजह भी साबित होते हैं. बॉम्बे हाईकोर्ट भी कई बार इस मुद्दे पर राज्य सरकार और स्थानीय निकायों को फटकार लगा चुका है. हाल ही में अदालत ने गड्ढों से होने वाली मौतों और गंभीर चोटों के मामलों में पीड़ितों को मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं. Mumbai Monsoon Diseases 2026: मुंबई में मानसून बना बीमारी का सीजन! BMC के आंकड़ों में डेंगू, मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों में बढ़ोतरी, जानें कितने केस आए

2026 में अब तक कितनी मौतें हुईं?

इस साल भी बारिश के दौरान गड्ढों की वजह से कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं. अगस्त 2026 की शुरुआत में ठाणे जिले के शाहापुर में मुंबई-नासिक हाईवे पर गड्ढे से टकराकर एक TDRF जवान की मौत हो गई. इससे पहले ठाणे-भिवंडी रोड पर भी गड्ढे के कारण हुए सड़क हादसे में एक महिला की जान चली गई. हालांकि ये घटनाएं मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में हुईं, लेकिन इन्होंने एक बार फिर खराब सड़कों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

2025 में मुंबई में गड्ढों से जुड़ी मौत

2025 के मानसून में मुंबई में गड्ढों से जुड़ी कम से कम एक मौत दर्ज हुई. जुलाई में पवई के जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR) पर 59 वर्षीय स्कूटर सवार पानी से भरे गड्ढे में गिर गए, जिसके बाद पीछे से आ रहे डंपर ने उन्हें कुचल दिया. इस घटना के बाद BMC को सड़क का निरीक्षण करना पड़ा. उसी मानसून में मुंबई में 7,083 से अधिक गड्ढों की शिकायतें दर्ज हुई थीं, जिनमें सबसे अधिक शिकायतें एस वार्ड (भांडुप-पवई) से आई थीं.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने तय किया मुआवजा

अक्टूबर 2025 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए निर्देश दिया कि गड्ढों से होने वाली मौत के मामलों में मृतक के परिजनों को 6 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए. वहीं घायल लोगों को चोट की गंभीरता के आधार पर 50 हजार रुपये से 2.5 लाख रुपये तक मुआवजा देने का आदेश दिया गया. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों से बाद में यह राशि वसूली जा सकती है.

पिछले 5 साल में बढ़ीं गड्ढों से मौतें

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में गड्ढों से जुड़े सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ा है. 2021 में 1,481 लोगों की मौत हुई थी. 2022 में यह संख्या बढ़कर 1,856 हो गई. 2023 में 2,161 लोगों की जान गई. पिछले पांच वर्षों में देशभर में गड्ढों से जुड़े हादसों में कुल 9,438 लोगों की मौत दर्ज की गई, जो समस्या की गंभीरता को दर्शाता है.

BMC के पास नहीं है वर्षवार मौतों का आधिकारिक डेटा

उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड और BMC के दस्तावेजों में पिछले पांच वर्षों के दौरान मुंबई नगर निगम सीमा के भीतर केवल गड्ढों के कारण हुई मौतों का वर्षवार विवरण जारी नहीं किया गया है. अलग-अलग वर्षों में सड़क हादसों की जानकारी तो उपलब्ध है, लेकिन उनमें यह स्पष्ट नहीं किया जाता कि हादसे का कारण केवल गड्ढा था या अन्य वजहें भी शामिल थीं.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने BMC को लगाई थी फटकार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2025 में सुनवाई के दौरान कहा था कि सुरक्षित सड़कें नागरिकों का मौलिक अधिकार हैं और हर साल गड्ढों के कारण लोगों की मौत या गंभीर चोटें होना अस्वीकार्य है. अदालत ने राज्य सरकार और सभी स्थानीय निकायों, जिनमें BMC भी शामिल है, को निर्देश दिया कि गड्ढों या खुले मैनहोल की वजह से मौत होने पर मृतक के परिजनों को 6 लाख रुपये और घायल होने पर 50 हजार से 2.5 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाए. साथ ही दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने को भी कहा गया.

गड्ढों की शिकायतें हजारों में, लेकिन मौतों का रिकॉर्ड नहीं

मुंबई में हर मानसून हजारों गड्ढों की शिकायतें दर्ज होती हैं. 2021 में 43,478, 2022 में 38,310 और 2023 में 59,000 से अधिक गड्ढे दर्ज किए गए थे. वहीं 2026 के मानसून में भी BMC को दो महीनों में 2,633 गड्ढों की शिकायतें मिलीं, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक के समाधान का दावा किया गया है. इसके बावजूद गड्ढों से हुई मौतों का अलग और आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है.

मुंबई में अब भी चुनौती बरकरार

BMC ने शहर को गड्ढामुक्त बनाने के लिए हजारों करोड़ रुपये की सड़क कंक्रीटीकरण परियोजना शुरू की है. इसके बावजूद हर मानसून में हजारों गड्ढों की शिकायतें दर्ज हो रही हैं. 2025 में जून से जुलाई के बीच ही 6,758 से अधिक गड्ढे दर्ज किए गए थे. विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता, समय पर मरम्मत और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है.

नोट: मुंबई के लिए पिछले पांच वर्षों का ऐसा कोई आधिकारिक वर्षवार रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, जिसमें केवल गड्ढों के कारण हुई मौतों की संख्या अलग-अलग वर्ष के हिसाब से प्रकाशित की गई हो. उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से अलग-अलग घटनाओं, अदालत की कार्यवाही और राष्ट्रीय स्तर के आंकड़ों पर आधारित है.

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