मुंबई झीलों का जलस्तर आज: बारिश की रफ्तार सुस्त पड़ने से जलस्तर में मामूली कमी, जानें बांधों का ताजा अपडेट्स
मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले सातों जलाशयों में जलस्तर 89.54 प्रतिशत के आसपास बना हुआ है. बारिश की गति धीमी होने से जलस्तर में मामूली गिरावट आई है, लेकिन बीएमसी को उम्मीद है कि अगस्त में झीलें पूरी तरह भर जाएंगी.
मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मायानगरी मुंबई और आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार थोड़ी सुस्त पड़ने के कारण शहर की प्यास बुझाने वाली झीलों के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सातों झीलों का कुल जलभराव घटकर लगभग 89.54 प्रतिशत के स्तर पर आ गया है, जो एक दिन पहले 90.60 प्रतिशत दर्ज किया गया था.
बारिश थमने और दैनिक आपूर्ति जारी रहने की वजह से कुल जलस्तर में करीब 1.06 प्रतिशत की कमी आई है. हालांकि, बीएमसी अधिकारियों को उम्मीद है कि मानसून के चालू सीजन में सभी झीलें 100 प्रतिशत क्षमता तक भर जाएंगी, क्योंकि अभी अगस्त महीने की शुरुआत ही हुई है. यह भी पढ़े: मुंबई झीलों का जलस्तर आज: जलाशयों में कितना जमा हुआ पानी? जानें ताजा अपडेट
मुंबई की सातों झीलों में कितना जमा है पानी?
मुंबई को रोजाना लगभग 4,100 मिलियन लीटर पीने के पानी की आपूर्ति सात प्रमुख जलाशयों से की जाती है. ये झीलें मुंबई, ठाणे, पालघर और नासिक जिलों में फैली हुई हैं.
हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के चलते तुलसी, विहार और मोदक सागर जैसी तीन झीलें पहले ही ओवरफ्लो (छलक) चुकी हैं, जबकि तानसा झील भी अपनी कुल क्षमता के 99 प्रतिशत से अधिक पर बनी हुई है. शहर को सबसे ज्यादा पानी की आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े जलाशयों—भातसा, मिडिल वैतरणा और अपर वैतरणा में भी पानी का भंडार संतोषजनक स्तर पर पहुंच गया है.
10 फीसदी पानी की कटौती पर क्या है बीएमसी का रुख?
मानसून के आगमन से पहले झीलों में पानी का स्तर घटकर बेहद कम रह गया था, जिसके चलते बीएमसी ने मुंबई में 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू की थी.
यद्यपि वर्तमान में झीलों में 90 प्रतिशत के करीब पानी जमा हो चुका है, लेकिन बीएमसी के जल अभियंता विभाग का मानना है कि पूरे साल (अगले साल के मानसून तक) बिना किसी संकट के जलापूर्ति बनाए रखने के लिए सातों झीलों में मिलाकर कुल 14.47 लाख मिलियन लीटर पानी होना अनिवार्य है. इसी वजह से नगर निगम जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और झीलों के पूरी तरह भरने के बाद ही पानी की कटौती पूरी तरह हटाने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
अगस्त-सितंबर में और बारिश की उम्मीद
मौसम विशेषज्ञों और बीएमसी का अनुमान है कि अगस्त और सितंबर के दौरान मानसून के अगले स्पेल में कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश होगी.
अधिकारियों का कहना है कि यदि कैचमेंट क्षेत्रों में बारिश का एक और सशक्त दौर आता है, तो शेष बची 10 प्रतिशत क्षमता भी जल्द भर जाएगी. इससे मुंबईकरों को आने वाले पूरे साल पानी की कमी की चिंता से राहत मिल जाएगी.