Mumbai Lake Water Stock Update: मुंबईकरों के लिए राहत की खबर,  महाराष्ट्र में बारिश के चलते झीलों का जलस्तर बढ़कर 9.41 फीसदी पहुंचा; कटौती से राहत मिलने की उम्मीद
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Mumbai Lake Water Stock Update: मुंबई और उसके जलग्रहण क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) में जारी भारी बारिश के बीच मुंबईकरों के लिए राहत भरी खबर आई है. शहर को पीने के पानी की आपूर्ति करने वाले सात प्रमुख जलाशयों का कुल उपयोगी जल भंडार शनिवार को बढ़कर 9.41 प्रतिशत पर पहुंच गया है. पिछले  एक दिन पहले यह आंकड़ा 8.93 प्रतिशत दर्ज किया गया था. बीते हफ्तों में मानसून की देरी के कारण इन झीलों में नाममात्र का पानी बचा हुआ था, जिससे शहर पर बड़े जल संकट का खतरा मंडराने लगा था, लेकिन हालिया मूसलाधार बारिश ने स्थिति में आंशिक सुधार किया है.

24 घंटे में जलस्तर में दर्ज की गई बढ़त

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग द्वारा शनिवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण पिछले 24 घंटों में जल भंडार में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है. मुंबई को रोजाना लगभग 3,950 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करने वाले सातों जलाशयों—अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी—में कुल मिलाकर अब 1.36 लाख मिलियन लीटर से अधिक पानी जमा हो चुका है.  यह भी पढ़े:  Mumbai Rains: मूसलाधार बारिश से लबालब भरी पवई झील ओवरफ्लो हुई, सबवे बंद होने और जलभराव से यातायात प्रभावित (Watch Video)

झीलों का जल स्तर

विहार और तुलसी झील में सबसे ज्यादा सुधार

जलाशयों के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई की सीमा के भीतर स्थित छोटी झीलों जैसे विहार और तुलसी के जलग्रहण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. विहार झील का जलस्तर बढ़कर 57 प्रतिशत के पार पहुंच चुका है. दूसरी तरफ, मुंबई को 50 प्रतिशत से अधिक पानी की आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े जलाशय 'भातसा' और 'तानसा' के स्तर में भी धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. हालांकि, अपर वैतरणा का उपयोगी जलस्तर अब भी अपने न्यूनतम स्तर (LDL) के करीब बना हुआ है.

कटौती से राहत मिलने की उम्मीद

जून के आखिरी हफ्ते तक झीलों में पानी का कुल स्टॉक 7 प्रतिशत से भी नीचे चला गया था, जिसके चलते बीएमसी ने पूरे मुंबई शहर में 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू कर रखी है. इसके अलावा वाणिज्यिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए 20 प्रतिशत तक की कटौती की गई थी. अधिकारियों का कहना है कि हालांकि वर्तमान बढ़ोतरी राहत देने वाली है, लेकिन मुंबई की सालभर की जरूरत को पूरा करने के लिए इन झीलों का पूरी तरह (100 प्रतिशत) भरना जरूरी है. इसलिए प्रशासन ने नागरिकों से पानी का संयम से इस्तेमाल करने की अपील जारी रखी है.