Mumbai Lake Water Update: मुंबई में जल संकट से राहत, जलापूर्ति करने वाली झीलों में 97.77% पानी का भंडार जमा
बीएमसी द्वारा जारी दैनिक बुलेटिन के अनुसार, मुंबई को जल आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों-अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी-में कुल मिलाकर 14 लाख मिलियन लीटर से अधिक उपयोगी जल संचित हो चुका है.
Mumbai Lake Water Update: मायानगरी मुंबई को पीने के पानी की आपूर्ति करने वाले सातों जलाशयों में पानी का भंडारण कुल क्षमता के करीब 97.7% तक पहुंच गया है. बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर दैनिक जलस्तर की रिपोर्ट साझा करते हुए यह जानकारी दी है. इस मानसून सीजन में हुई अच्छी बारिश से जलाशयों का जलस्तर लगभग पूरी तरह भर गया है.
सातों झीलों में जल भंडारण की स्थिति
बीएमसी द्वारा जारी दैनिक बुलेटिन के अनुसार, मुंबई को जल आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों—अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी—में कुल मिलाकर 14 लाख मिलियन लीटर से अधिक उपयोगी जल संचित हो चुका है. यह भी पढ़े: Mumbai Water Supply Update: क्या मुंबईकरों की पानी की टेंशन होगी खत्म? मायानगरी की झीलों में 97.72% जल स्टॉक जमा
बीएमसी का पोस्ट
झील वार जलस्तर का मुख्य विवरण:
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विहार और तुलसी झील: कुल क्षमता के 99% से 100% तक भरी हुई हैं.
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मध्य वैतरणा और भातसा: इनमें भी जलस्तर लगभग 99% के पार दर्ज किया गया है.
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तानसा और अपर वैतरणा: इन जलाशयों में जलभराव क्षमता का 94% से 98% तक बना हुआ है.
मुंबईकरों के लिए पूरे साल पानी की सुरक्षा
मुंबई शहर और उपनगरों को प्रतिदिन लगभग 3,950 मिलियन लीटर treated पानी की आपूर्ति की जाती है. जलाशयों में 97% से अधिक जल संचित होने का अर्थ है कि आने वाले पूरे वर्ष के लिए शहर में पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है.
निगम अधिकारियों के अनुसार, सितंबर के अंत तक जलाशयों का जलस्तर 100% के करीब बना रहना गर्मियों के मौसम में होने वाली पानी की कटौती की संभावना को खत्म कर देता है.
सोशल मीडिया के जरिए दैनिक अपडेट की व्यवस्था
बीएमसी का जल अभियंता विभाग (Hydraulic Engineer's Department) प्रतिदिन सुबह 6 बजे जलाशयों के जलस्तर का आंकड़ा जुटाता है. पारदर्शिता बनाए रखने और नागरिकों को अद्यतन जानकारी देने के लिए बीएमसी अपने आधिकारिक X हैंडल से यह आंकड़े हर दिन साझा करती है.
मानसून के अंतिम दौर में हुई बारिश से शहर के जलाशयों की स्थिति काफी मजबूत हुई है, जिससे मुंबईवासियों को बड़ी राहत मिली है.