मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मायानगरी में पानी की टेंशन खत्म, 26 अगस्त तक झीलों में 95.83% पानी जमा
मुंबई शहर और उपनगरों को पेयजल आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों में जलस्तर बढ़कर कुल क्षमता का 95.83 प्रतिशत हो गया है. 26 अगस्त तक हुई भारी बारिश के कारण जलाशयों में पानी का पर्याप्त संचय हो चुका है.
मुंबई झीलों का जलस्तर आज: मुंबई शहर और उपनगरों को पेयजल आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों में जलस्तर बढ़कर कुल क्षमता का 95.83 प्रतिशत हो गया है. 26 अगस्त तक हुई भारी बारिश के कारण जलाशयों में पानी का पर्याप्त संचय हो चुका है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, वर्तमान जल भंडारण स्थिति को देखते हुए आगामी वर्ष के लिए शहर में जल संकट की संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं.
प्रमुख झीलों में पानी की स्थिति
मुंबई को जलापूर्ति करने वाली प्रमुख झीलों में तानसा, मोदक सागर, मध्य वैतरणा, ऊपरी वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी शामिल हैं. लगातार हो रही बारिश से इन सभी जलाशयों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है. तुलसी और विहार जैसी छोटी झीलें पहले ही अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंचकर छलक चुकी हैं, जबकि तानसा और भातसा जैसी बड़ी झीलों में जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है.
मुंबई की झीलों का जलस्तर
ओवरफ्लो के करीब पहुंचे जलाशय
बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सात झीलों की कुल भंडारण क्षमता लगभग 14,47,363 मिलियन लीटर है. वर्तमान में इनमें 13,87,000 मिलियन लीटर से अधिक पानी उपलब्ध है. यदि कैचमेंट क्षेत्रों में बारिश का यही क्रम बना रहता है, तो आगामी कुछ दिनों में शेष झीलें भी अपनी पूर्ण क्षमता हासिल कर ओवरफ्लो हो सकती हैं.
शहरवासियों के लिए राहत
मानसून के शुरुआती चरण में बारिश की धीमी गति के कारण बीएमसी ने शहर में 10 प्रतिशत जल कटौती लागू की थी. हालांकि, जुलाई और अगस्त के दौरान पश्चिमी तट पर सक्रिय हुए मजबूत मानसून तंत्र के कारण कैचमेंट एरिया में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई. झीलों में 95 प्रतिशत से अधिक पानी जमा होने के बाद नगर निगम ने जल कटौती को पूरी तरह वापस ले लिया है, जिससे आम नागरिकों और व्यावसायिक गतिविधियों को बड़ी राहत मिली है.