मुंबई झीलों का जलस्तर आज: 15 अगस्त तक जलाशयों में कितना जमा हुआ पानी? BMC ने साझा किया ताजा आंकड़ा; चेक
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, लगातार बारिश के चलते मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली 7 प्रमुख झीलों में जलस्तर 91.52 प्रतिशत तक पहुंच गया है. इससे शहर में पानी की किल्लत की संभावना काफी कम हो गई है.
Mumbai Lake Water Level Today: मुंबई और इसके जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाले जलाशयों की स्थिति काफी मजबूत हो गई है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा सामाजिक माध्यम मंच 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 15 तारीख सुबह तक मुंबई की सभी 7 झीलों का कुल जलस्तर बढ़कर 91.52 प्रतिशत तक पहुंच गया है.
मानसून के इस सकारात्मक रुख से यह स्पष्ट है कि सभी झीलें पूर्ण क्षमता से भरने से अब केवल कुछ ही प्रतिशत दूर हैं. जलस्तर में हुए इस इजाफे ने आने वाले महीनों के लिए मुंबई में पानी की संभावित किल्लत की चिंता को पूरी तरह खत्म कर दिया है. यह भी पढ़े: मुंबई झीलों का जलस्तर आज: 10 अगस्त तक जलाशयों में कितना जमा हुआ पानी? BMC ने साझा किया जल भंडार का आंकड़ा; चेक
जलाशयों को लेकर BMC का पोस्ट
तीन प्रमुख झीलें हो चुकी हैं ओवरफ्लो
नगर निगम के अनुसार, कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्रों) में हुई भारी बारिश की वजह से सात में से तीन महत्वपूर्ण झीलें—विहार, तुलसी और मोड़क सागर—अपनी पूरी क्षमता (100%) तक भरकर ओवरफ्लो हो चुकी हैं. इसके अलावा, तानसा और मध्य वैतरणा जैसे अन्य बड़े जलाशयों में भी जलस्तर काफी तेजी से बढ़ा है और ये भी ओवरफ्लो होने के करीब हैं.
वार्षिक आवश्यकता और वर्तमान जल भंडारण
मुंबई शहर को रोजाना लगभग 3,850 मिलियन लीटर पेयजल की आपूर्ति की जाती है. पूरे साल निर्बाध जल आपूर्ति बनाए रखने के लिए 1 अक्टूबर तक इन सात झीलों में कुल 14.47 लाख मिलियन लीटर पानी के भंडारण की आवश्यकता होती है.
मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, झीलों में 91.52% पानी जमा हो चुका है. यदि अगस्त के शेष दिनों और सितंबर के महीने में भी सामान्य बारिश जारी रहती है, तो 100% जल भंडारण का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया जाएगा.
बीएमसी की स्थिति पर नजर
बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग द्वारा झीलों के जलस्तर और बांधों की सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त जल भंडारण के चलते शहरवासियों को फिलहाल किसी भी प्रकार की जल कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा.
स्थानीय प्रशासन ने जलस्तर बढ़ने पर संतोष व्यक्त करने के साथ ही नागरिकों से जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है.