Mumbai JJ Hospital: मुंबई के जेजे अस्पताल में हाई-टेक DSA मशीन की शुरुआत, मरीजों को मिलेगी एडवांस इलाज सुविधा
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Mumbai JJ Hospital:  महानगर मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. मुंबई के प्रतिष्ठित सरकारी सर जेजे अस्पताल (Sir JJ Hospital) में अत्याधुनिक डिजिटल सबट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) मशीन को चालू कर दिया गया है. इस उच्च तकनीक वाली इमेजिंग प्रणाली की मदद से डॉक्टर अब जटिल संवहनी (Vascular) और न्यूरोलॉजिकल स्थितियों का सटीक निदान कर सकेंगे. इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसके जरिए मरीजों को बिना किसी बड़े ऑपरेशन या सर्जरी के उन्नत और सटीक इलाज मिल सकेगा.

उन्नत सुविधा का औपचारिक उद्घाटन

इस आधुनिक इमेजिंग सिस्टम का औपचारिक उद्घाटन बुधवार को जेजे अस्पताल के डीन डॉ. अजय भंडारवार द्वारा किया गया. इस अवसर पर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजय सुरासे, एसोसिएट डीन डॉ. रणजीत मानकेश्वर, डिप्टी डीन डॉ. गजानन चव्हाण और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अविनाश गुट्टे सहित कई वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यह नई सुविधा ब्रेन स्ट्रोक, ब्रेन एन्यूरिज्म, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग, ट्रॉमा से जुड़ी चोटों और कुछ विशेष प्रकार के कैंसर जैसी गंभीर स्थितियों के प्रबंधन में मील का पत्थर साबित होगी.  यह भी पढ़े: Badlapur Encounter: बदलापुर केस में आरोपी अक्षय शिंदे की मौत के बाद जज की मौजूदगी में हुआ पंचनामा, मुंबई के JJ अस्पताल में आज होगा पोस्टमॉर्टम

'मिनिमली इनवेसिव' तकनीक से मरीजों को राहत

यह डीएसए मशीन रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) की अत्यधिक विस्तृत और स्पष्ट तस्वीरें प्रदान करती है. इसकी मदद से विशेषज्ञ वास्तविक समय (Real-Time) में विसंगतियों की पहचान कर 'मिनिमली इनवेसिव' (कम चीर-फाड़ वाले) उपचार को अंजाम दे सकते हैं. इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अविनाश गुट्टे ने बताया कि यह तकनीक निदान और उपचार दोनों को एक साथ जोड़ती है. इसके तहत विशेषज्ञ बड़े सर्जिकल कट लगाने के बजाय छोटे से पंचर के माध्यम से प्रभावित रक्त वाहिकाओं तक पहुंच सकते हैं, जिससे पारंपरिक सर्जरी से जुड़े जोखिम काफी हद तक कम हो जाते हैं.

सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में विश्वस्तरीय इलाज

अस्पताल के डीन डॉ. अजय भंडारवार ने कहा कि उन्नत इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी प्रक्रियाओं की आवश्यकता वाले मरीजों को अब सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर ही विश्वस्तरीय चिकित्सा मिल सकेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन जटिल बीमारियों के लिए पहले बड़े और जोखिम भरे ऑपरेशनों की जरूरत होती थी, उनका इलाज अब छोटी सुई या पंचर के माध्यम से संभव होगा. इससे मरीजों को कम दर्द होगा, जटिलताएं कम होंगी, उन्हें अस्पताल में कम समय बिताना पड़ेगा और वे तेजी से स्वस्थ हो सकेंगे.

आपातकालीन और ट्रॉमा सेवाओं को मिलेगी मजबूती

जेजे अस्पताल महाराष्ट्र के सबसे बड़े और प्रमुख रेफरल अस्पतालों में से एक है, जहां रोजाना राज्यभर से सैकड़ों गंभीर मरीज इलाज के लिए आते हैं. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस नई डीएसए सुविधा के आने से आपातकालीन (Emergency) और ट्रॉमा केयर सेवाओं को काफी मजबूती मिलेगी. इसके साथ ही न्यूरोवैस्कुलर, ऑन्कोलॉजी (कैंसर) और वैस्कुलर इंटरवेंशन के मामलों में भी डॉक्टरों को बड़ी मदद मिलेगी. इस अत्याधुनिक तकनीक के शामिल होने से न केवल इलाज की प्रतीक्षा अवधि (Waiting Period) कम होगी, बल्कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा मिल सकेगी.