Mumbai Fire Brigade: मुंबई फायर ब्रिगेड को 3 महीनों में मिलीं 5,700 से अधिक इमरजेंसी कॉल; ज्यादातर मामले आग से जुड़े नहीं थे

मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने पिछले तीन महीनों के दौरान 5,701 आपातकालीन कॉल पर त्वरित कार्रवाई की है. आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से केवल 28% कॉल आग लगने से संबंधित थीं, जबकि 72% कॉल अन्य आपदाओं और राहत-बचाव कार्यों से जुड़ी थीं.

Mumbai Fire Brigade: मुंबई में दमकलकर्मी केवल आग बुझाने का काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे शहर में आने वाली विभिन्न प्रकार की आपदाओं में सबसे पहले राहत पहुंचाने वाले 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' की भूमिका निभा रहे हैं. मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में विभाग को कुल 5,701 आपातकालीन कॉल प्राप्त हुईं. इन आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि कुल कॉल में से सिर्फ 28 प्रतिशत ही आग लगने की घटनाओं से जुड़ी थीं, जबकि शेष 72 प्रतिशत कॉल गैर-अग्निशमन (Non-Fire) आपदाओं से संबंधित थीं.

गैर-अग्निशमन कॉल की तीन मुख्य श्रेणियां

फायर ब्रिगेड द्वारा प्राप्त गैर-अग्निशमन आपातकालीन कॉल को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है—रेस्क्यू सर्विसेज, हाउस कोलेप्स (मकान ढहना) और अन्य आपातकालीन सेवाएं.  यह भी पढ़े:   मुंबई की आज की बड़ी खबरें: धूमधाम से गणेश विसर्जन, दक्षिण मुंबई की इमारत में आग समेत यहां पढ़ें सभी बड़े अपडेट्स एक क्लिक में

फर्स्ट रिस्पॉन्डर की निभा रहे अहम भूमिका

मुंबई फायर ब्रिगेड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या आपदा स्थिति बनने पर नागरिक सबसे पहले दमकल विभाग को ही संपर्क करते हैं. मानसून और अत्यधिक बारिश के मौसम में पेड़ों के गिरने, जलभराव, भूस्खलन और जर्जर ढांचों के गिरने की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं. ऐसे समय में दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू करते हैं.

आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने पर जोर

इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि मुंबई जैसे महानगर में फायर ब्रिगेड का कार्यक्षेत्र केवल आग पर नियंत्रण पाने तक सीमित नहीं है. आपातकालीन कॉल का बड़ा हिस्सा गैर-अग्निशमन आपदाओं से जुड़ा होने के कारण विभाग अब अपने कर्मियों को आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों और बहुविषयक आपदा प्रबंधन (Multi-Disaster Management) तकनीकों से लैस करने पर निरंतर काम कर रहा है.

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