Python Rescue Video: मुंबई के CSMT स्टेशन पर ट्रेन के इंजन में छिपा मिला अजगर का बच्चा, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर एक ट्रेन इंजन के अंदर अजगर का बच्चा (हैचलिंग) मिलने से हड़कंप मच गया. रेलवे स्टाफ की सतर्कता और वन्यजीव विशेषज्ञों की मदद से सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से वायरल हो रहा है.
Python Rescue Video: मुंबई के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर एक अनोखी घटना सामने आई है. यहाँ स्टेशन पर खड़ी एक ट्रेन के मुख्य इंजन के भीतर अजगर का एक छोटा बच्चा (हैचलिंग) छिपा हुआ पाया गया. इंजन के तकनीकी हिस्से में सांप को रेंगते देख रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया. हालांकि, बिना किसी देरी के तुरंत इसकी सूचना वन्यजीव बचाव दल को दी गई, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
इंजन रूम में मिला अजगर का बच्चा
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, CSMT स्टेशन पर रूटीन चेकिंग और रखरखाव के दौरान एक लोको पायलट की नजर इंजन के आंतरिक हिस्से में छिपे इस अजगर पर पड़ी. इंजन रूम के गर्म और जटिल तारों के बीच सांप का होना खतरनाक हो सकता था. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और ट्रेन संचालन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत रेस्क्यू टीम से संपर्क किया.
CSMT स्टेशन पर ट्रेन इंजन में छिपा मिला अजगर
सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
इस रेस्क्यू ऑपरेशन का एक छोटा वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि वन्यजीव विशेषज्ञ बेहद सावधानी से इंजन के संकरे हिस्सों से अजगर के बच्चे को बाहर निकाल रहे हैं. इंटरनेट यूजर्स इस वीडियो को खूब शेयर कर रहे हैं और रेलवे कर्मियों की सूझबूझ की तारीफ कर रहे हैं.
सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया
मौके पर पहुंचे सर्प मित्रों और वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया कि यह 'इंडियन रॉक पाइथन' (भारतीय अजगर) का बच्चा था. संकरे स्पेस में होने के कारण उसे निकालने में थोड़ी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन कुछ ही समय में बिना किसी नुकसान के उसे काबू कर लिया गया. वन्यजीव विभाग के अधिकारियों के अनुसार, स्वास्थ्य जांच के बाद अजगर के बच्चे को उसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित छोड़ दिया गया है.
पिट लाइन से आने की आशंका
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमूमन इस तरह के सरीसृप (सांप) ट्रेन या इंजन में उस वक्त प्रवेश कर जाते हैं जब ट्रेनें रखरखाव के लिए यार्ड या पिट लाइन में खड़ी होती हैं. यार्ड के आसपास झाड़ियां और खुला क्षेत्र होने के कारण बारिश या नमी के मौसम में जीव आश्रय की तलाश में इंजनों की तरफ आ जाते हैं. रेलवे ने इस घटना के बाद यार्ड क्षेत्रों में साफ-सफाई और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.