Mumbai: 'टावर ऑफ साइलेंस' में पारसी अंतिम संस्कार का वीडियो बनाने पर कंटेंट क्रिएटर पर केस दर्ज; धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

मुंबई के पॉश इलाके मलाबार हिल स्थित पारसी समुदाय के पवित्र और प्रतिबंधित स्थल 'टावर ऑफ साइलेंस' (डूंगरवाड़ी) में अवैध रूप से प्रवेश कर अंतिम संस्कार की रस्मों का वीडियो बनाने और उस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

मुंबई पुलिस (Photo Credits: File Image)

मुंबई, 25 मई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) के मलाबार हिल स्थित पारसी समुदाय के ऐतिहासिक और बेहद पवित्र स्थल 'टावर ऑफ साइलेंस' (Tower of Silence) (डूंगरवाड़ी) की गोपनीयता और पवित्रता भंग करने का एक गंभीर मामला सामने आया है. मुंबई पुलिस ने एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर (Social Media Content Creator) के खिलाफ निजी स्वामित्व वाले इस प्रतिबंधित परिसर में अवैध रूप से घुसने (Trespassing), पारसी अंतिम संस्कार के रीति-रिवाजों का अनधिकृत वीडियो बनाने और उस पर "आपत्तिजनक" टिप्पणी करने के आरोप में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया था, जिससे पारसी समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. यह भी पढ़ें: Mumbai Rains Video: मुंबई में प्री-मानसून बारिश से मौसम हुआ सुहावना, IMD ने कोंकण तट के लिए जारी किया येलो अलर्ट

बॉम्बे पारसी पंचायत के ट्रस्टी ने दर्ज कराई शिकायत

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब बॉम्बे पारसी पंचायत (BPP) के एक ट्रस्टी को उनके मित्र ने इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे इस वीडियो का लिंक भेजा. वीडियो की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए बीपीपी प्रबंधन ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया.

शिकायत के अनुसार, आरोपी कंटेंट क्रिएटर की पहचान प्रिंस शीतलाप्रसाद कनौजिया के रूप में हुई है, जो यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर अपने चैनल संचालित करता है. आरोप है कि प्रिंस कनौजिया मलाबार हिल स्थित कमला नेहरू पार्क के रास्ते से डूंगरवाड़ी की सुरक्षा दीवारों को लांघकर अवैध रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र में दाखिल हुआ था.

वीडियो में 'आपत्तिजनक' कमेंट्री और निजता का उल्लंघन

ट्रस्टी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने न केवल पवित्र डूंगरवाड़ी परिसर के भीतर जाकर अंतिम संस्कार की गोपनीय रस्मों की वीडियो रिकॉर्डिंग की, बल्कि वीडियो में एक ऐसी कमेंट्री भी जोड़ी जो पारसी समुदाय की धार्मिक मान्यताओं का मजाक उड़ाती है और मृत आत्माओं की गरिमा को ठेस पहुंचाती है.

मलाबार हिल थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. इसके साथ ही, इंटरनेट से इस संवेदनशील और विवादित वीडियो को तुरंत हटाने (Take down) के लिए मुंबई साइबर पुलिस की मदद ली जा रही है.

डूंगरवाड़ी और पारसी समुदाय की अंतिम संस्कार परंपरा की पृष्ठभूमि

पारसी समुदाय में 'टावर ऑफ साइलेंस' या 'डूंगरवाड़ी' एक अत्यंत पूजनीय और संवेदनशील धार्मिक स्थल है. मलाबार हिल के जंगलों के बीच स्थित इस स्थान पर पारसी समुदाय के मृतकों के शवों को पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार (दखमा-नशीनी) के लिए रखा जाता है, जहां सौर ऊर्जा और प्रकृति के तत्वों के जरिए शव का निपटान होता है.

इस पूरी प्रक्रिया की गोपनीयता और पवित्रता बनाए रखने के लिए इस परिसर में गैर-पारसी लोगों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है. इसके अलावा, परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी या डिजिटल रिकॉर्डिंग पर सख्त कानूनी और धार्मिक प्रतिबंध लागू है. इस घटना के बाद पारसी समुदाय के भीतर अपनी धार्मिक प्राइवेसी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की जा रही है.

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