Mumbai: डेंगू जांच के दौरान पानी की टंकी से गिरकर BMC कर्मचारी की मौत, भोईवाड़ा की BDD चॉल में हुआ हादसा

हादसे के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी. जांच में यह पता लगाया जाएगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और मौके पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं. पांडुरंग तोडकर की मौत ने डेंगू रोकथाम जैसे नियमित नागरिक कार्यों के दौरान फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने मौजूद जोखिमों को एक बार फिर उजागर कर दिया है.

BMC Labourer Dies After Falling From Water Tank: मुंबई में डेंगू रोकथाम अभियान के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के 47 वर्षीय कर्मचारी पांडुरंग तोडकर की शनिवार, 8 अगस्त को पानी की टंकी का निरीक्षण करते समय गिरने से मौत हो गई. यह हादसा भोईवाड़ा स्थित BDD चॉल नंबर 6-A में हुआ. Mumbai Monsoon Diseases 2026: मुंबई में मानसून बना बीमारी का सीजन! BMC के आंकड़ों में डेंगू, मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों में बढ़ोतरी, जानें कितने केस आए

जानकारी के मुताबिक, पांडुरंग तोडकर BMC के एफ/साउथ वार्ड के PCO विभाग में कार्यरत थे. वह डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा की जांच के लिए पानी की टंकी का निरीक्षण कर रहे थे. इसी दौरान टंकी से नीचे उतरते समय उनका पैर फिसल गया और वह करीब 5 से 7 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर पड़े.

डेंगू पनपने की जगहों की जांच के दौरान गिरने से BMC के एक मज़दूर की मौत हो गई:

गिरने के दौरान आंख में घुसी लोहे की रॉड

हादसे में पांडुरंग तोडकर पीठ के बल गिरे. गिरते समय वहां मौजूद एक लोहे की रॉड उनकी आंख में जा लगी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं. हादसे के तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए मुंबई के KEM अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए CPR और अन्य जीवनरक्षक प्रयास किए, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

डेंगू रोकथाम अभियान के तहत कर रहे थे निरीक्षण

BMC की ओर से मानसून के दौरान डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित रूप से पानी की टंकियों, कंटेनरों और अन्य संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों का निरीक्षण किया जाता है. पांडुरंग तोडकर भी इसी अभियान के तहत BDD चॉल नंबर 6-A में पानी की टंकी की जांच कर रहे थे, जहां यह हादसा हुआ.

कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद फील्ड में काम करने वाले BMC कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. ऐसे कर्मचारी अक्सर पानी की टंकियों, छतों और ऊंचे स्थानों पर चढ़कर निरीक्षण करते हैं. फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे के समय पांडुरंग तोडकर ने कोई सुरक्षा उपकरण पहना हुआ था या नहीं और मौके पर अन्य सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे या नहीं.

मामले की होगी जांच

हादसे के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी. जांच में यह पता लगाया जाएगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और मौके पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं. पांडुरंग तोडकर की मौत ने डेंगू रोकथाम जैसे नियमित नागरिक कार्यों के दौरान फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने मौजूद जोखिमों को एक बार फिर उजागर कर दिया है.

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