Mumbai BEST Workers Strike: मुंबईकरों की बढ़ सकती है परेशानी, वेतन और भत्तों की मांग को लेकर बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल शुरू
मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली बेस्ट के कर्मचारियों ने वेतन समझौते, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और वेट-लीज कर्मचारियों के समान वेतन की मांगों को लेकर मंगलवार से बेमुदत उपवास शुरू कर दिया है.
Mumbai BEST Workers Strike: मुंबई में सार्वजनिक परिवहन और बिजली आपूर्ति की रीढ़ मानी जाने वाली बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) के कर्मचारियों ने मंगलवार से बेमुदत उपवास (भूख हड़ताल) शुरू कर दिया है. कर्मचारियों, वेट-लीज (अनुबंधित) श्रमिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर यह आंदोलन शुरू किया गया है. 17 अगस्त को परेल के शिरोडकर हॉल में हुई यूनियन की बैठक में सर्वसम्मति से इस हड़ताल का निर्णय लिया गया था.
यूनियन नेता शशांक राव ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रशासन और सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक यह अनिश्चितकालीन उपवास जारी रहेगा. ओपेरा हाउस स्थित केनेडी ब्रिज के पास यूनियन कार्यालय से इस प्रदर्शन की शुरुआत की गई है. यह भी पढ़े: मुंबई ताज़ा ख़बरें 18 अगस्त, 2026: बेस्ट हड़ताल, नौसेना परिवार की मौत समेत यहां पढ़ें दिनभर की अपडेटेड न्यूज एक क्लिक में
वेतन वृद्धि और 7वें वेतन आयोग की मांग
बेस्ट वर्कर्स यूनियन के अनुसार, कर्मचारियों का 2016-21 और 2021-26 का वेतन समझौता अभी तक अंतिम रूप नहीं ले सका है. कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उन्हें 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत बीएमसी (BMC) कर्मचारियों के समकक्ष वेतनमान दिया जाए.
इसके साथ ही, निजी कंपनियों के माध्यम से चलाए जा रहे वेट-लीज बसों के चालकों और परिचालकों को भी बेस्ट के स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन देने की मांग की गई है. विद्युत आपूर्ति विभाग में शुरू में कैजुअल लेबर के रूप में नियुक्त और बाद में स्थायी हुए कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर करने की भी मांग उठाई गई है.
बीएमसी बजट में विलय की मांग
आंदोलनकारी कर्मचारियों की एक बड़ी मांग यह भी है कि बेस्ट के बजट को बीएमसी के मुख्य बजट में मिला दिया जाए. उनका तर्क है कि बेस्ट मुंबई की लाइफलाइन है और दैनिक घाटे से उबरने तथा अपनी खुद की बसों का बेड़ा बनाए रखने के लिए बीएमसी द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जानी चाहिए.
इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और अन्य बकाया भुगतानों का तुरंत निपटारा करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है.
यात्रियों पर पड़ सकता है असर
मुंबई शहर में बेस्ट बसें लाखों यात्रियों के लिए दैनिक आवाजाही का मुख्य जरिया हैं. इसके अलावा शहर के एक बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी भी बेस्ट के पास ही है. हालांकि हड़ताल के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अगर यह आंदोलन लंबा खींचता है तो मुंबई की सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.