Mumbai Auto-Taxi Fare Hike: मुंबई में ऑटो-टैक्सी का किराया बढ़ने का दूसरा दिन, बढ़ती महंगाई के बीच यात्री परेशान
नए किराए के अनुसार, शुरुआती 1.5 किलोमीटर के लिए सीएनजी से चलने वाले ऑटो-रिक्शा का न्यूनतम किराया 26 रुपये से बढ़ाकर 27 रुपये कर दिया गया है. वहीं, काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया 31 रुपये से बढ़ाकर 33 रुपये किया गया है.
Mumbai Auto-Taxi Fare Hike: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सी के बढ़े हुए किरायों का आज दूसरा दिन है. मुंबई महानगर क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (MMRTA) द्वारा मंजूर की गई नई दरों के लागू होने से लाखों दैनिक यात्रियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. सितंबर की शुरुआत के साथ लागू हुए इस फैसले से दैनिक आधार पर यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और आम नागरिकों का मासिक बजट प्रभावित हुआ है.
क्या हैं नई दरें और किराए का गणित?
नए किराए के अनुसार, शुरुआती 1.5 किलोमीटर के लिए सीएनजी से चलने वाले ऑटो-रिक्शा का न्यूनतम किराया 26 रुपये से बढ़ाकर 27 रुपये कर दिया गया है. वहीं, काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया 31 रुपये से बढ़ाकर 33 रुपये किया गया है.
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ऑटो-रिक्शा: न्यूनतम किराया 27 रुपये (पहले 26 रुपये). प्रति किलोमीटर दर 17.14 रुपये से बढ़ाकर 18.22 रुपये की गई है.
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टैक्सी: न्यूनतम किराया 33 रुपये (पहले 31 रुपये). प्रति किलोमीटर दर 20.66 रुपये से बढ़ाकर 21.90 रुपये की गई है.
यात्रियों और चालक यूनियनों की प्रतिक्रिया
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच किराए में इस बढ़ोतरी से आम मुंबईकर निराश हैं. यात्रियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल, सीएनजी और खाद्य पदार्थों की महंगाई के बाद अब रोजाना के सफर का खर्च बढ़ने से घर का बजट बिगड़ रहा है.
दूसरी ओर, ऑटो और टैक्सी चालकों की यूनियनों का तर्क है कि वाहन रखरखाव, सीएनजी की दरों और जीवन-यापन की लागत में वृद्धि के कारण किराया बढ़ाना आवश्यक हो गया था.
मीटर री-कैलिब्रेशन की प्रक्रिया और समय-सीमा
आरटीओ (RTO) अधिकारियों के मुताबिक, ऑटो और टैक्सी चालकों को अपने इलेक्ट्रॉनिक मीटरों को नई दरों के अनुसार अपडेट करने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है.
तब तक, चालक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) द्वारा प्रमाणित आधिकारिक किराया तालिका (Fare Chart) दिखाकर यात्रियों से नई दरों के अनुसार किराया वसूल सकते हैं. 30 नवंबर तक मीटर री-कैलिब्रेट न कराने वाले चालकों के खिलाफ 1 दिसंबर से दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.