गुजरात मानसून का कहर: अमरेली में उफान पर नदियां, पानी के तेज बहाव में बह गया स्टेट हाईवे, दो हिस्सों में बंटी सड़क (Viral Video)

अमरेली/गांधीनगर: गुजरात (Gujarat) के सौराष्ट्र क्षेत्र सहित कई जिलों में मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है. अमरेली जिले में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश और नदियों में पानी की भारी आवक के कारण एक बड़ा बुनियादी ढांचागत हादसा सामने आया है. जिले के सावरकुंडला-अमरेली स्टेट हाईवे (भावकुंडला-अमरेली मार्ग) (Bhavkundla-Amreli State Highway) का एक बड़ा हिस्सा ओलिया के पास बाढ़ के तेज और प्रचंड बहाव में पूरी तरह बह गया. पानी की भारी गति के कारण कंक्रीट की मजबूत सड़क ताश के पत्तों की तरह ढह गई और हाईवे दो अलग-अलग हिस्सों में बंट गया. इस घटना का एक खौफनाक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने इस पूरे रूट पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया है. यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र मानसून आफत: रत्नागिरी रेलवे स्टेशन की छत का एक बड़ा हिस्सा ढहा, निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल (Watch Video)

24 घंटे में 12 इंच से अधिक बारिश, राजुला और खांभा में बाढ़ जैसे हालात

अमरेली जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही आफत की बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले के राजुला, जाफ्राबाद और खांभा क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों के दौरान 12 इंच (लगभग 300 मिमी) से अधिक रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है.

इस मूसलाधार बारिश के चलते स्थानीय करेंण नदी सहित अन्य जल निकाय पूरी तरह उफान पर आ गए हैं, जिससे निचले इलाकों में गंभीर जलभराव (Waterlogging) हो गया है. कई गांव पूरी तरह से टापू में तब्दील हो गए हैं और जिला मुख्यालय से उनका सड़क संपर्क कूटनीतिक रूप से कट गया है.

अमरेली में बाढ़ के पानी से सड़क बह जाने के कारण हाईवे दो हिस्सों में बंट गया

सड़क के दोनों ओर लगा लंबा जाम, प्रशासन अलर्ट पर

हाईवे के अचानक बीच से टूट जाने के कारण सड़क के दोनों किनारों पर स्थानीय निवासियों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई. जलभराव के विकराल रूप को देखते हुए हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.

प्रशासनिक कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD) और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं. अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद सुरक्षा के लिहाज से तुरंत ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों की तरफ डायवर्ट (Divert) कर दिया है. आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में मुस्तैद हैं और लगातार जल स्तर की निगरानी की जा रही है.

मौसम विभाग की चेतावनी: जारी रह सकता है तबाही का दौर

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अमरेली, गिर सोमनाथ, जूनागढ़ और आसपास के तटीय जिलों के लिए भारी बारिश का कड़ा ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी रखा है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि सक्रिय मानसून के प्रभाव के कारण अगले 48 घंटों तक क्षेत्र में रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि ऊपरी इलाकों और कैचमेंट एरिया में बारिश इसी तरह जारी रही, तो नदियों का जल स्तर और बढ़ सकता है जिससे तटीय इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक कूटनीतिक नुकसान पहुंचने की आशंका है. नागरिकों को कड़ाई से हिदायत दी गई है कि वे जलमग्न रास्तों, कॉजवे और उफनती नदियों के पास जाने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं.