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अब बिहार-गुजरात में मॉब लिंचिंग: मोबाइल चोरी के आरोप में दो युवकों की पीट-पीट कर हत्या

भीड़ द्वारा पीट-पीटकर की जा रही हत्याओं को रोकने के लिए भले ही सरकार एड़ी चोटी का बल लगा रही हो लेकिन ऐसी घटनाओं में कोई खासा कमी नहीं आ रही है. ताजा मामला बिहार और गुजरात से है जहां मोबाइल चोरी के आरोप में हिंसक भीड़ ने दो युवको की पीट-पीट कर हत्या कर दी.

अब बिहार-गुजरात में मॉब लिंचिंग: मोबाइल चोरी के आरोप में दो युवकों की पीट-पीट कर हत्या
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: stux/Pixabay

मुंबई: भीड़ द्वारा पीट-पीटकर की जा रही हत्याओं को रोकने के लिए भले ही सरकार एड़ी चोटी का बल लगा रही हो लेकिन ऐसी घटनाओं में कोई खासा कमी नहीं आ रही है. ताजा मामला बिहार और गुजरात से है जहां मोबाइल चोरी के आरोप में हिंसक भीड़ ने दो युवको की पीट-पीट कर हत्या कर दी. वहीं भीड़ की दरिंदगी का शिकार हुए दो युवक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे है.

जानकारी के मुताबिक बिहार के मुजफ्फरपुर में मोबाइल चोरी के आरोप में भीड़ द्वारा दो युवको को इतनी बुरी तरह मारा गया की एक युवक अर्जुन ने दम तोड़ दिया जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ है. जिसका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है.

यह घटना मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र की है. घटना के बाद मृतक के परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

वहीं, गुजरात के दाहोद में भी दो युवकों को मोबाइल चोरी के आरोप में भीड़ ने खूब पीटा. जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई है. जबकि दूसरा युवक अस्पताल में जिंदगी से लड़ रहा है. मृतक अजमेर मेहताल धानपुर तहसील के उंडारका का रहने वाला था. बताया जा रहा है मृतक पर 32 केस दर्ज थे. पुलिस पूरे मामले में जांच में जुट गई है.

ज्ञात हो की सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों से उत्तेजित होकर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर कर कम से कम 30 लोगों को मौत के घाट उतरा जा चुका है. भीड़ द्ववारा हत्याओं को रोकने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है. इस मामलें में सुप्रीम कोर्ट भी सख्त है.

देश की टॉप कोर्ट ने ऐसे मामले में रोकथाम, सुधार और दंडात्मक दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि भीड़ का अंधा कानून बर्दाश्त नहीं है. संसद इसके लिए कानून बनाए, जिसमें भीड़ द्वारा हत्या के लिए सज़ा का प्रावधान हो. अदालत ने केंद्र और राज्यों को आदेश दिया कि वे संविधान के मुताबिक काम करें. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भीड़तंत्र के पीड़ितों को सरकार मुआवजा दे.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2018 05:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).