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Measles Virus: वैज्ञानिकों ने खसरा वायरस के मस्तिष्क में फैलने की बताई वजह

वैज्ञानिकों ने खसरा वायरस के मस्तिष्क में फैलने के बारे में पता लगाया कि कैसे यह घातक होकर मस्तिष्क रोग से पीड़ित व्यक्ति के मस्तिष्क को प्रभावित करता है. खसरा सबसे संक्रामक रोगों में से एक है.

Measles Virus: वैज्ञानिकों ने खसरा वायरस के मस्तिष्क में फैलने की बताई वजह
Representative Image | Pixabay

न्यूयॉर्क, 22 दिसंबर : वैज्ञानिकों ने खसरा वायरस के मस्तिष्क में फैलने के बारे में पता लगाया कि कैसे यह घातक होकर मस्तिष्क रोग से पीड़ित व्यक्ति के मस्तिष्क को प्रभावित करता है. खसरा सबसे संक्रामक रोगों में से एक है. खसरे का वायरस ऊपरी श्वसन नली को संक्रमित करता है जहां यह श्वासनली का उपयोग करते हुए संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर बिखरी बूंदों के माध्यम से फैलता है. टीकाकरण बीमारी से प्रभावी ढंग से निपट सकता है और विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान छूटे हुए टीकाकरण के कारण बीमारी फिर से बढ़ रही है. पीएलओएस पैथोजेंस जर्नल में प्रकाशित नई खोज मस्तिष्क में फैलने वाले वायरस से निपटने के लिए प्रभावी एंटीवायरल दवाएं बनाने में मदद कर सकती है. अमेरिका में मेयो क्लिनिक की टीम ने एक ऐसे व्यक्ति के मस्तिष्क का अध्ययन किया, जो बचपन में खसरे से पीड़ित था और बाद में एक वयस्क के रूप में सबस्यूट स्केलेरोजिंग पैनेंसेफलाइटिस (मस्तिष्क विकार) का शिकार हो गया था.

एसएसपीई, खसरे की एक जटिलता है, और यह प्रत्येक 10,000 खसरे के मामलों में से एक में होता है. प्रारंभिक संक्रमण के बाद खसरे के वायरस को पूरे मस्तिष्क में फैलने में लगभग पांच से 10 साल लग सकते हैं. इस प्रगतिशील तंत्रिका संबंधी रोग के लक्षणों में स्मृति हानि, दौरे और गतिहीनता शामिल हैं. नवीनतम उपकरणों का उपयोग करते हुए टीम ने पता लगाया कि कैसे वायरल जीनोम के एक समूह ने मानव मस्तिष्क को प्रभावित किया. उन्होंने पाया कि वायरस में अलग-अलग परिवर्तन (म्यूटेशन) हुए जो फ्रंटल कॉर्टेक्स से वायरस के प्रसार को बाहर की ओर बढ़ाते हैं. मेयो क्लिनिक के वायरोलॉजिस्ट, सह-प्रमुख लेखक रॉबर्टो कट्टानेओ ने कहा, "हमारा अध्ययन आकर्षक डेटा प्रदान करता है जो दिखाता है कि वायरल आरएनए कैसे बदलता है और पूरे मानव अंग - मस्तिष्क में फैलता है." यह भी पढ़ें : Human Trafficking Case: मानव तस्करी मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, केरल से भगोड़ा सऊदी जाकिर समेत 11 आरोपी गिरफ्तार

उन्होंने कहा, ''हमारी खोजों से यह अध्ययन करने और समझने में मदद मिलेगी कि अन्य वायरस कैसे बने रहते हैं और मानव मस्तिष्क में कैसे बीमारी पैदा करते हैं. यह ज्ञान प्रभावी एंटीवायरल दवाओं के निर्माण की सुविधा प्रदान कर सकता है.'' अध्ययन में टीम ने मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्रों से 15 नमूनों की जांच की और यह पता लगाया कि खसरा वायरस कैसे परिवर्तित होता है. शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि खसरे का वायरस मस्तिष्क के जीनोम में प्रवेश करने के बाद वायरस के लिए हानिकारक तरीकों से बदलना शुरू हो गया. जीनोम ने अन्य जीनोम बनाए, जो थोड़े अलग थे. फिर, इन जीनोमों की दोबारा प्रतिकृति बनाई गई, जिसके परिणामस्वरूप और अधिक जीनोम बने, जो थोड़े अलग भी थे. वायरस ने ऐसा कई बार किया और विभिन्न जीनोम की आबादी तैयार की.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 22, 2023 03:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).