India Today Layoffs: 'आज तक' और 'इंडिया टुडे' में बड़े पैमाने पर छंटनी, करीब 120 कर्मचारियों से अचानक मांगा गया इस्तीफा
मीडिया समूह 'टीवी टुडे नेटवर्क' ने अपनी पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत विभिन्न विभागों के करीब 120 कर्मचारियों से इस्तीफा देने के लिए कहा है. रिपोर्ट के अनुसार, 20 जुलाई से 24 जुलाई 2026 के बीच नोएडा स्थित कार्यालय में कर्मचारियों को अचानक बुलाकर इस्तीफा लिया गया.
नोएडा: 'आज तक' (Aaj Tak) और 'इंडिया टुडे' (India Today) जैसे प्रमुख समाचार चैनलों का संचालन करने वाले मीडिया समूह 'टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड' (TV Today Network Limited) ने लगभग 120 कर्मचारियों से अचानक इस्तीफा देने के लिए कहा है. डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म 'न्यूज़लॉन्ड्री' की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी में जारी आंतरिक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत कई विभागों से कर्मचारियों की छंटनी की गई है.
यह कार्रवाई 20 जुलाई से 24 जुलाई 2026 के बीच कंपनी के नोएडा सेक्टर-16 स्थित कार्यालय में की गई. प्रभावित कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें उनकी शिफ्ट के दौरान अचानक प्रबंधन और मानव संसाधन (HR) विभाग की बैठकों में बुलाया गया और तुरंत इस्तीफा दर्ज कराने का निर्देश दिया गया. यह भी पढ़ें: Microsoft Layoffs: माइक्रोसॉफ्ट में फिर छंटनी की तैयारी, Xbox, सेल्स और कंसल्टिंग विभागों में जा सकती है हजारों कर्मचारियों की नौकरियां
डिजिटल और प्रोडक्शन से जुड़े कई विभाग प्रभावित
रिपोर्ट के अनुसार, इस छंटनी का असर कंपनी के कई अलग-अलग वर्टिकल्स पर पड़ा है. प्रभावित होने वालों में सबसे बड़ी संख्या 'आज तक' की हिंदी वेबसाइट टीम के कर्मचारियों की है.
इसके अलावा, कैमरा ऑपरेशन्स, वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक्स, फैक्ट-चेकिंग, डेटा इंटेलिजेंस यूनिट (DIU), 'आज तक रेडियो' और 'इंडिया टुडे' की अंग्रेजी डिजिटल टीम के कर्मचारियों को भी नौकरी से मुक्त किया गया है. कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें ग्राउंड-फ्लोर स्थित कॉन्फ्रेंस कैबिनों में बुलाकर बताया गया कि रीस्ट्रक्चरिंग के कारण उनके पदों को समाप्त किया जा रहा है.
इस्तीफे की प्रक्रिया और मुआवजे की शर्त
कर्मचारियों से कंपनी के एचआर प्लेटफॉर्म 'केका' (Keka) के माध्यम से मौके पर ही ऑनलाइन इस्तीफा दिलवाया गया. इसके तुरंत बाद उनसे कंपनी का लैपटॉप और पहचान पत्र (ID Card) जमा कराकर परिसर छोड़ने को कहा गया.
- स्वेच्छा से इस्तीफा देने पर: जिन कर्मचारियों ने एचआर के कहने पर इस्तीफा दे दिया, उन्हें मुआवजे के तौर पर दो महीने का पूरा वेतन देने की पेशकश की गई है.
- इस्तीफे से इनकार पर: जिन कर्मचारियों ने स्वेच्छा से इस्तीफा देने से मना किया, उन्हें औपचारिक रूप से टर्मिनेट (बर्खास्त) कर दिया गया, जिससे उनका मुआवजा केवल दो महीने के बेसिक वेतन तक सीमित रह गया.
वित्तीय दबाव और मुनाफे में गिरावट बनी वजह
टीवी टुडे नेटवर्क में हुई यह छंटनी कंपनी की कमजोर वित्तीय स्थिति के बीच हुई है. पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी के वार्षिक शुद्ध लाभ (Net Profit) में लगभग 81 प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी, जो घटकर करीब 14 करोड़ रुपये रह गया. इस दौरान कंपनी का कुल राजस्व भी 19 प्रतिशत घटकर लगभग 807 करोड़ रुपये पर आ गया था.
कंपनी के मुनाफे में आई इस गिरावट के पीछे विज्ञापन से होने वाली आय में कमी, पुनर्गठन लागत और रेडियो बिजनेस में हो रहे नुकसान को मुख्य कारण माना जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया पर कंपनी के एचआर विभाग और शीर्ष संपादकों से प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन उनकी ओर से कोई तत्काल बयान जारी नहीं किया गया.