Manipur Violence: मणिपुर में हिंसा फैलाने के लिए ड्रोन, अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल, हथियार बरामद करने की कोशिश में जुटी सुरक्षा बल
मणिपुर में जातीय हिंसा लगभग तीन महीने से बेरोकटोक जारी है. उग्रवादी और अन्य हमलावर ड्रोन, अत्याधुनिक हथियारों और मोर्टार का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि प्रतिद्वंद्वी संगठनों और सुरक्षा बलों के बीच नियमित गोलीबारी हो रही है.
इम्फाल: मणिपुर में जातीय हिंसा लगभग तीन महीने से बेरोकटोक जारी है. उग्रवादी और अन्य हमलावर ड्रोन, अत्याधुनिक हथियारों और मोर्टार का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि प्रतिद्वंद्वी संगठनों और सुरक्षा बलों के बीच नियमित गोलीबारी हो रही है.
केंद्रीय और राज्य बलों सहित संयुक्त सुरक्षा बलों ने हथियार तथा गोला-बारूद बरामद करने के लिए अपना अभियान चला रखा है. इस महीने अब तक विभिन्न जातीय समूहों और उग्रवादियों द्वारा स्थापित 300 से अधिक अवैध बंकरों को नष्ट कर दिया गया है. Delhi Murder: दिल्ली में दिनदहाड़े कॉलेज छात्रा पर रॉड से हमला, मौके पर ही हुई मौत
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि गुरुवार और शुक्रवार को बिष्णुपुर जिले के विभिन्न स्थानों पर राज्य पुलिस, केंद्रीय बलों और आतंकवादियों के बीच भीषण गोलीबारी के बाद कम से कम 10 संदिग्ध आतंकवादी मारे गए और कई अन्य घायल हो गए.
पुलिस और अधिकारियों ने अब तक संकटग्रस्त जिले में कई घंटे तक चली गोलीबारी से न तो इनकार किया है और न ही इसकी पुष्टि की है.
मेइती संगठनों ने आरोप लगाया कि कुकी उग्रवादी दिन के उजाले में उनके समुदाय के गांवों पर हमला कर रहे हैं. वे अपनी बंदूकों से पहाड़ियों से सीधे मेइती पर निशाना साध रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कुकी संगठन गांवों में ग्रेनेड और अन्य गोला-बारूद गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं.
ऐसे कई बंकर हैं जो अभी भी पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों में मौजूद हैं. मेइती और कुकी दोनों समुदायों के ग्रामीण स्वयंसेवक इन बंकरों में चौबीसों घंटे अपने गांवों की रखवाली कर रहे हैं.
दूसरी ओर इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने शुक्रवार को कहा कि उसे पता चला है कि मणिपुर के तमेंगलोंग जिले में नए खुले खोंगसांग रेलवे स्टेशन का इस्तेमाल राज्य सरकार की पूरी जानकारी के साथ राज्य में बंदूकें और गोला-बारूद लाने-ले जाने के लिए किया जा रहा है.
आईटीएलएफ के प्रवक्ता गिन्ज़ा वुएलज़ोंग ने आरोप लगाया, "हमें डर है कि इन हथियारों का इस्तेमाल कुकी-ज़ो आदिवासी बस्तियों पर हमला करने के लिए किया जाएगा. मई में, इंफाल और आसपास की घाटी में शस्त्रागारों से मेइती भीड़ द्वारा 4,000 से अधिक हथियार और दो लाख से अधिक गोला-बारूद लूट लिए गए थे."
उन्होंने कहा, "हम संबंधित अधिकारियों से अनुरोध करते हैं कि वे इस मामले को देखें और राज्य में और अधिक हथियार लाने के लिए ट्रेनों का उपयोग बंद करें."
हालाँकि, रेलवे और राज्य सरकार के सूत्रों ने आईटीएलएफ के आरोपों को "बेबुनियाद और पूरी तरह से निराधार" बताया.
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सब्यसाची डे ने कहा कि मणिपुर में ट्रेन परिचालन 5 मई से निलंबित कर दिया गया था जब राज्य में कानून व्यवस्था संकट शुरू हो गया था. उन्होंने कहा, "तब से आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाली केवल एक मालगाड़ी सोमवार को मणिपुर में प्रवेश करती है. इसके अलावा, खोंगसांग रेलवे स्टेशन ने एक प्रादेशिक सेना कंपनी के लिए आधार के रूप में काम किया है. यह कंपनी क्षेत्र में रेलवे कर्मचारियों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है."
उन्होंने कहा कि आईटीएलएफ के आरोप पूरी तरह से भ्रामक हैं और रेलवे के संबंध में जनता के बीच दहशत पैदा करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं.
विभिन्न रिपोर्टों और राजनीतिक दलों ने दावा किया कि 3 मई को मणिपुर में हुए जातीय दंगों के दौरान भीड़, हमलावरों और उग्रवादियों द्वारा पुलिस स्टेशनों और पुलिस चौकियों से 4,000 से अधिक विभिन्न प्रकार के अत्याधुनिक हथियार और लाखों की संख्या में विभिन्न प्रकार के गोला-बारूद लूट लिए गए. रक्षा बलों ने अब तक लूटे गए हथियारों में से आधे बरामद कर लिए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 28, 2023 08:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

