जबलपुर में उग रहा है ढाई लाख रुपए किलो वाला आम
आम ढाई लाख रुपए किलो वाला, यह सुनकर आपको कुछ अचरज हो सकता है मगर वाकई में मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक आम प्रेमी ऐसा आम उगा रहे हैं जिसकी जापान में कीमत ढाई लाख रुपए किलो है. जबलपुर के संकल्प सिंह ने लगभग साढे 12 एकड़ में दो बागान हैं, जिनमें आम की खेती होती है.
जबलपुर, 29 जून : आम ढाई लाख रुपए किलो वाला, यह सुनकर आपको कुछ अचरज हो सकता है मगर वाकई में मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक आम प्रेमी ऐसा आम उगा रहे हैं जिसकी जापान में कीमत ढाई लाख रुपए किलो है. जबलपुर के संकल्प सिंह ने लगभग साढे 12 एकड़ में दो बागान हैं, जिनमें आम की खेती होती है. इन दोनों बागानों में उन्होंने तरह-तरह की आम की किस्म के पेड़ लगा रखे हैं. उनके इस बागान में हापुस के आम से लेकर जापान की 'टोइयो नो टमैंगो' नाम की प्रजाति भी है. इसकी खूबी यह है कि यह आम ढाई लाख रुपए किलो तक का जापान में बिकता है.
संकल्प सिंह ने 2013 में बागवानी की शुरूआत की थी. उसके बाद उन्होंने आम की खेती पर ध्यान दिया, वर्तमान में उनके बागान में 24 से ज्यादा किस्म के पेड़ लगे हुए हैं. जापान की टोइयो नो टमैंगो प्रजाति का पेड़ उन्हें एक व्यक्ति से यात्रा के दौरान मिला था. वे बताते हैं की सबसे महंगी प्रजाति टाइयो नो टमैंगो जो दिखने में भी आकर्षक है, उन्होंने पहला फल बाबा महाकाल के दरबार में चढ़ाया था. यह आम औसत 900 ग्राम वजनी होता है. यही कारण है कि इस आम को देखने बड़ी संख्या में लोग उनके बागान में आते हैं. यह भी पढ़ें : उदयपुर हत्याकांड: कन्हैया लाल का हुआ अंतिम संस्कार, पत्नी ने की आरोपियों को फांसी देने की मांग
संकल्प सिंह को आम की खेती ने देश और दुनिया में नई पहचान दी है. वे बताते हैं कि पहले उनके लिए रात के समय इस आम की सुरक्षा करना कठिन काम था. लिहाजा उन्होंने कुत्ते पाले और 12 कुत्ते रात में रखवाली करते हैं, मगर अब दिन में सुरक्षा गार्ड रखना पड़ते हैं इसके बावजूद आम की चोरी होने का खतरा तो रहता ही है.
टाइयो नो टमैंगो की जापान में भले ही कीमत ढाई लाख रुपये किलो हो, मगर हिंदुस्तान में अब तक उन्हें यह कीमत नहीं मिली है. वे कहते हैं कि यह महंगा आम है और इसे आर्थिक तौर पर सक्षम लोग ही खरीदते है, हां देश में भी यह 50 हजार रुपये किलो तक बिक चुका है. इस बागान में वे एक रेस्टोरेंट भी चलाते हैं और यहां आने वाले लोगों के लिए यहां लगे आम आकर्षण का केंद्र होते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 29, 2022 05:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

