Mahua Moitra Arrest Warrant: हिंदू भावनाएं आहत करने के आरोप में TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
Mahua Moitra Case: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कथित धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले बयान के मामले में कृष्णानगर की अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. मामला 'तुलसी माला' पर कथित टिप्पणी से जुड़ा बताया जा रहा है.
Mahua Moitra Arrest Warrant: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गई हैं. पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर स्थित तीसरी न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने उनके खिलाफ कथित तौर पर हिंदू धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले बयान के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं होने के बाद यह कार्रवाई की गई. Mahua Moitra Case: महुआ मोइत्रा की शिकायत करने वाले वकील को जान का खतरा, दिल्ली सीपी को लिखा पत्र
नदिया जिले के पुलिस अधीक्षक अतुल वी. ने पुष्टि की कि अदालत ने मामले में वारंट जारी किया है. शिकायत में धार्मिक भावनाएं भड़काने, विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने और आपराधिक धमकी समेत कई आरोप लगाए गए हैं.
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि महुआ मोइत्रा ने 'तुलसी माला' को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं. शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय सशस्त्र बलों और हिंदू धार्मिक प्रतीकों को लेकर भी विवादित टिप्पणियां की थीं.
इन आरोपों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इनमें धार्मिक भावनाएं भड़काने, विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, आपराधिक धमकी और सार्वजनिक शांति भंग करने वाले कथित बयानों से जुड़ी धाराएं शामिल हैं. फिलहाल इन आरोपों पर अदालत में सुनवाई जारी है और किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है.
कलकत्ता हाई कोर्ट से मिली थी अंतरिम राहत
इस मामले में इससे पहले 21 जुलाई को कलकत्ता हाई कोर्ट ने महुआ मोइत्रा को 5 अक्टूबर तक किसी भी कठोर कार्रवाई से अंतरिम राहत दी थी. अदालत ने उन्हें जांच में सहयोग करने और 14 अगस्त को जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया था. बाद में महुआ मोइत्रा ने पुलिस पूछताछ में वर्चुअली शामिल होने की अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया.
सर्किट हाउस विवाद ने भी बढ़ाई मुश्किलें
हाल ही में महुआ मोइत्रा नदिया सर्किट हाउस विवाद को लेकर भी चर्चा में रही थीं. उन्होंने आरोप लगाया था कि संसद सत्र के बाद रात में पहुंचने पर जिला प्रशासन ने उन्हें आवंटित कमरा खाली करने के लिए कहा. उन्होंने दावा किया कि मना करने पर सर्किट हाउस के बाहर भीड़ जमा हो गई और 'जय श्री राम' के नारे लगाए गए. महुआ मोइत्रा ने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है. साथ ही उन्होंने नदिया के तीन अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया है.
जारी है कानूनी प्रक्रिया
महुआ मोइत्रा से जुड़े यह मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है. अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता और किसी भी आपराधिक जिम्मेदारी पर अंतिम फैसला होगा.