Maharashtra: गडचिरोली के आश्रम स्कूल में जहरीले सांप का कहर, 3 छात्राओं की मौत, एक की हालत गंभीर
महाराष्ट्र के गडचिरोली जिले में स्थित एक अनुदानित आवासीय आश्रम स्कूल में देर रात जहरीले सांप के काटने से तीन छात्राओं की मौत हो गई। घटना के समय छात्राएं कमरे में फर्श पर सो रही थीं. प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं.
गडचिरोली: महाराष्ट्र (Maharashtra) के गडचिरोली जिले (Gadchiroli District) से एक दुखद घटना सामने आई है. धानोरा तालुका स्थित जपतलाई गांव के एक अनुदानित आवासीय आश्रम स्कूल में सोमवार तड़के जहरीले सांप के काटने से तीन छात्राओं की मौत हो गई. वहीं, एक छात्रा की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और दो अन्य गंभीर हैं। एहतियात के तौर पर 14 अन्य छात्राओं को भी डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है.
यह घटना सोमवार रात लगभग 2:00 बजे की है. स्कूल का संचालन 'कुपारलिंगो एजुकेशनल एंड कल्चरल डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट' द्वारा किया जाता है, जो पूर्व सांसद मारोतराव कोवासे से जुड़ा संस्थान है. हॉस्टल के कमरे में करीब 79 छात्राएं फर्श पर सो रही थीं, तभी वहां एक विषैला सांप घुस आया और कई बच्चों को डस लिया.
तीन छात्राओं ने तोड़ा दम, इलाज जारी
सांप के काटने की भनक लगते ही बच्चों में हड़कंप मच गया और उन्हें तुरंत धानोरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इलाज के दौरान दो छात्राओं ने दम तोड़ दिया, जबकि एक अन्य छात्रा को गडचिरोली जिला सामान्य अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी भी मृत्यु हो गई.
मृतक छात्राओं की पहचान अनु कोरेटी (कक्षा 2), दीपिका लकड़ा (कक्षा 6) और सुष्मिता मंडल (कक्षा 8) के रूप में हुई है.
गडचिरोली जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, कक्षा 5 की छात्रा दीपिका बिटकुसाई मडावी की हालत काफी गंभीर बनी हुई है, जबकि दो अन्य लड़कियों का गहन चिकित्सा कक्ष में इलाज चल रहा है. घटना से सहमी 14 अन्य छात्राओं को निगरानी और मानसिक ढांढस बंधाने के लिए अस्पताल में रखा गया है.
गढ़चिरौली हॉस्टल में सांप के काटने से 3 लड़कियों की मौत
मुख्यमंत्री ने मांगी रिपोर्ट, उच्चस्तरीय जांच शुरू
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस दुखद हादसे पर संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. जिला कलेक्टर अविश्यांत पांडा ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं. जांच में इस बात की पड़ताल की जाएगी कि हॉस्टल में सुरक्षा और कीट नियंत्रण नियमों का पालन हो रहा था या नहीं.
इस घटना ने दुर्गम व आदिवासी बहुल इलाकों में स्थित आवासीय आश्रम स्कूलों में बुनियादी सुरक्षा, फर्श पर सोने की मजबूरी, पेस्ट कंट्रोल, और आपातकालीन एंटी-वेनम दवाओं की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरे मामले की जांच कर रही हैं.