Maharashtra: वाशिम के गणेश पंडाल में अश्लील वीडियो का QR कोड लगाने वाले 3 युवक गिरफ्तार; हर स्कैन पर ₹10-15 कमाने का था लालच
महाराष्ट्र के वाशिम शहर में गणेशोत्सव के दौरान एक बेहद आपत्तिजनक मामला सामने आया है, जहां एक गणेश पंडाल में भगवान गणेश की प्रतिमा के पास अश्लील वीडियो के लिंक वाला क्यूआर (QR) कोड चिपका दिया गया. पंडाल प्रबंधन की शिकायत पर वाशिम पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है.
वाशिम (महाराष्ट्र): गणेशोत्सव के पावन अवसर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और ऑनलाइन आपत्तिजनक सामग्री फैलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. वाशिम शहर के काले फैल इलाके में स्थापित जय भवानी गणेश उत्सव मंडल के पंडाल में गणेश प्रतिमा के चरणों के पास आपत्तिजनक टेलीग्राम लिंक से जुड़ा एक क्यूआर कोड चिपकाया पाया गया.
रिपोर्ट के अनुसार, वाशिम नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है. जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पैसों की खातिर इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री के कोड सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर लगाए थे.
प्रतिमा के चरणों के पास दिखा QR कोड, स्कैन करते ही खुला टेलीग्राम ग्रुप
बताया जा रहा है कि घटना का खुलासा 18 सितंबर को हुआ:
- संदेह होने पर स्कैन: गणेश उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने प्रतिमा के चरणों के निकट एक अज्ञात क्यूआर कोड चिपका देखा. आम तौर पर श्रद्धालु दान (UPI) के लिए क्यूआर कोड लगाते हैं, लेकिन जब समिति के सदस्यों ने इसे अपने फोन से स्कैन किया, तो वे सीधे एक अश्लील वीडियो और लिंक साझा करने वाले टेलीग्राम चैनल पर पहुंच गए.
- पुलिस में लिखित शिकायत: मंडल के वरिष्ठ सदस्यों ने सामग्री की पुष्टि करने के बाद तुरंत वाशिम शहर पुलिस स्टेशन से संपर्क किया और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई.
CCTV फुटेज से खुली पोल, आधी रात को बाइक से पहुंचे थे आरोपी
पुलिस की जांच टीम ने तुरंत पंडाल और आसपास की सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की:
- 17 सितंबर की रात की हरकत: फुटेज में देखा गया कि 17 सितंबर की रात करीब 11 बजे दो दोपहिया वाहनों पर तीन युवक पंडाल के पास पहुंचे.
- एक युवक तेजी से अंदर गया और उसने चुपके से प्रतिमा के पास क्यूआर कोड चिपका दिया. इसके तुरंत बाद उसका दूसरा साथी कोड के ठीक से काम करने की जांच करता दिखा और फिर तीनों बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए.
- तकनीकी निगरानी और फुटेज की मदद से पुलिस ने तन्मय मुठाल (19), युगंधर अफुने (18) और सुमित भोने (18) की पहचान कर उन्हें धर दबोचा.
हर स्कैन पर ₹10 से ₹15 का कमीशन: पैसों के लिए फैलाया जाल
उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (SDPO) रामेश्वर पवार के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए वित्तीय लाभ को मुख्य वजह बताया है:
- कमीशन का खेल: आरोपियों ने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्हें इस क्यूआर कोड को अधिक से अधिक स्कैन कराने के बदले प्रति स्कैन ₹10 से ₹15 मिलने का लालच दिया गया था. zht54 k
- कोड स्कैन होते ही यूजर्स ट्रैफिक उस टेलीग्राम ग्रुप पर रीडायरेक्ट होता था, जिससे साइबर सिंडिकेट को सब्सक्रिप्शन और विज्ञापनों का फायदा मिलता था.
- पुलिस अब उस मुख्य हैंडलर और साइबर नेटवर्क की तलाश कर रही है जिसने इन युवकों को यह क्यूआर कोड उपलब्ध कराया और वित्तीय लेन-देन का वादा किया था.
मंदिर और कॉलेज के बाहर भी चिपकाए थे कोड, अदालत ने रिमांड पर भेजा
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने पंडाल के अलावा शहर के एक हनुमान मंदिर और एक कॉलेज परिसर के बाहर भी इसी तरह के क्यूआर कोड लगाए थे:
- पुलिस टीमें उन सभी स्थानों का निरीक्षण कर रही हैं और अन्य संदिग्ध कोड्स को जब्त कर नष्ट कर रही हैं.
- वाशिम पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धार्मिक भावनाएं आहत करने, जबरन उपद्रव और आईटी अधिनियम (IT Act) की सुसंगत धाराओं (धारा 67 और 67A) के तहत मामला दर्ज किया है.
- स्थानीय अदालत में पेश किए जाने के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है.
पुलिस प्रशासन ने शहर के अन्य सभी गणेश मंडलों और मंदिर समितियों को सतर्क रहने और पंडाल परिसरों में लगे किसी भी अनधिकृत क्यूआर कोड की जांच करने का निर्देश दिया है.