Maharashtra Road Safety: महाराष्ट्र में 3 साल बाद हुई सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक, राज्य में 1.17 लाख हादसों में 50,488 मौतें
बैठक में ब्लैक स्पॉट्स के सुधार, यातायात नियमों के कड़ाई से पालन, और दुर्घटना के बाद आपातकालीन चिकित्सा सहायता (Golden Hour Trauma Care) को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई.
Maharashtra Road Safety: महाराष्ट्र में तीन साल से अधिक (1,267 दिन) के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार मंगलवार को राज्य सड़क सुरक्षा परिषद (State Road Safety Council) की 13वीं बैठक आयोजित की गई. मंत्रालय में राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में पुलिस, लोक निर्माण (PWD) और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. राज्य परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, परिषद की पिछली बैठक (3 अप्रैल 2023) के बाद से जून 2026 तक राज्य में 1,17,070 सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें 50,488 लोगों की जान गई है.
नियमों का उल्लंघन और बैठक में देरी
केंद्रीय मोटर वाहन नियम (Central Motor Vehicles Rules) के नियम 215 के तहत गठित सड़क सुरक्षा परिषद का मुख्य कार्य दुर्घटना प्रवृत्तियों की समीक्षा करना, ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना-संभावित क्षेत्रों) की पहचान करना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाना है. यह भी पढ़े: Mumbai-Nashik Highway Accident: मुंबई-नासिक हाईवे पर भीषण सड़क हादसा; खड़े ट्रक से टकराई कार, 2 बच्चों समेत एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत
नियमानुसार इस परिषद की वर्ष में कम से कम दो बैठकें आयोजित होना अनिवार्य है. हालांकि, मई 2015 में गठित इस परिषद की बैठकों की गति 2019 के बाद धीमी हो गई. 2019 से अप्रैल 2023 के बीच केवल 4 बैठकें हुईं और अप्रैल 2023 के बाद से यह बैठक लगातार टलती रही.
सड़क दुर्घटनाओं और मौतों के आंकड़े
परिवहन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों से राज्य में सड़क सुरक्षा की चिंताजनक स्थिति उजागर होती है:
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अप्रैल 2023 से जून 2026 तक: कुल 1,17,070 हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 50,488 लोगों की मृत्यु हुई, 73,423 लोग गंभीर रूप से घायल हुए और 27,198 लोगों को मामूली चोटें आईं.
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दिसंबर 2024 से जून 2026 तक: इस अवधि के दौरान राज्य में 49,157 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 20,890 लोगों की जान गई.
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वर्ष 2026 की पहली तिमाही: केवल 2026 के पहले तीन महीनों (जनवरी से मार्च) में ही 9,259 सड़क हादसे हुए और 3,858 मौतें दर्ज की गईं.
अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर
बैठक के दौरान परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने पुलिस, पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभागों को दुर्घटनाओं और मौतों की दर को कम करने के लिए मिलकर काम करने के निर्देश दिए.
बैठक में ब्लैक स्पॉट्स के सुधार, यातायात नियमों के कड़ाई से पालन, और दुर्घटना के बाद आपातकालीन चिकित्सा सहायता (Golden Hour Trauma Care) को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई.