महाराष्ट्र में सूखे के संकट के बीच किसानों को बड़ी राहत, डिप्टी सीएम शिंदे ने कर्ज वसूली रोकने का दिया भरोसा

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और शिवसेना प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों और लाडली बहनों को किसी भी स्थिति में बेसहारा नहीं छोड़ेंगी.

DCM-Eknath-Shinde

महाराष्ट्र में सूखे के संकट से जूझ रहे किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत का आश्वासन दिया है. परभणी जिले के गांधी पार्क मैदान में आयोजित शिवसेना के संवाद सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोषणा की कि संकट के इस दौर में किसानों से कर्ज वसूली तुरंत रोकी जाएगी और उनके बकाया कर्ज का पुनर्गठन किया जाएगा.

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और शिवसेना प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों और लाडली बहनों को किसी भी स्थिति में बेसहारा नहीं छोड़ेंगी.  यह भी पढ़े:  Mumbai Latest News Today: महाराष्ट्र में सूखे की घोषणा से लेकर CEC विवाद पर विरोध प्रदर्शन तक, यहां पढ़ें मुंबई की दिनभर की बड़ी खबरें

'किसानों की दिवाली काली नहीं होने देंगे'

मराठवाड़ा और राज्य के अन्य हिस्सों में मंडरा रहे सूखे के खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए शिंदे ने कहा कि सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में किसानों के पशुओं के लिए पर्याप्त चारे और पानी का इंतजाम किया जाएगा.

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिवसेना राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर 100 प्रतिशत समाज सेवा के संकल्प के साथ काम करेगी. उन्होंने किसानों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि संकट भले ही बड़ा हो, लेकिन सरकार किसी भी किसान की दिवाली काली नहीं होने देगी.

केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से मिला मदद का भरोसा

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विस्तृत चर्चा की है, जिसमें लगभग आधा घंटा महाराष्ट्र की सूखा स्थिति और कल्याणकारी योजनाओं पर बात हुई. प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से राज्य के किसानों को हर संभव सहायता देने का पूरा भरोसा दिया है.

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य मंत्रिमंडल के मंत्रियों ने जमीनी स्तर पर जाकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है और सरकार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.

आर्थिक प्रगति और राष्ट्र हित पर जोर

अपने संबोधन के अंत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से भारत आर्थिक रूप से तेजी से आगे बढ़ा है और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में 10वें स्थान से छलांग लगाकर चौथे स्थान पर पहुंच चुका है.

उन्होंने 'नेशन फर्स्ट' की नीति की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों और राजनीतिक आरोपों के बावजूद देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम लगातार जारी है.

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