Madhya Pradesh News: भाई ने गेम खेलने से रोका तो पानी की टंकी पर चढ़ा 12 साल का बच्चा, उतारने में पुलिस के छूटे पसीने

मध्य प्रदेश के श्योपुर में मोबाइल गेम खेलने से रोकने और फोन छीनने पर 12 साल का एक बच्चा नाराज होकर 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया. करीब डेढ़ घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस और परिजनों ने समझाइश देकर उसे सुरक्षित नीचे उतारा.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से बच्चों में बढ़ती मोबाइल और गेमिंग की लत (Screen Addiction) को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बड़े भाई द्वारा स्कूल जाने के लिए मोबाइल छीनने से नाराज होकर 12 साल का एक बच्चा करीब 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर जा चढ़ा. टंकी की मुंडेर पर डेढ़ घंटे तक चले इस ड्रामे से परिजनों और स्थानीय लोगों की सांसें अटकी रहीं.

मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने सूझबूझ और धैर्य का परिचय देते हुए बच्चे को सुरक्षित नीचे उतार लिया, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली.

बड़े भाई ने छीना था फोन, स्कूल जाने को कहा था

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्योपुर शहर के खातौली रोड निवासी 12 वर्षीय छात्र मंगलवार सुबह स्कूल जाने की बजाय घर पर बैठकर मोबाइल में गेम खेल रहा था. काफी समय बीत जाने के बाद भी जब उसने फोन नहीं छोड़ा, तो उसके बड़े भाई ने उसे डांट लगाई और हाथ से मोबाइल छीनकर तुरंत स्कूल जाने के लिए कहा.

भाई की इस बात से बच्चा इस कदर नाराज हुआ कि वह गुस्से में घर से निकलकर पास ही बनी ऊंची पानी की टंकी पर जा पहुंचा और उसकी मुंडेर पर बैठ गया.

परिजनों के हाथ-पांव फूले, पुलिस ने दिखाई सूझबूझ

इतनी अधिक ऊंचाई पर बच्चे को बैठे देख नीचे खड़े परिजनों के होश उड़ गए. परिजनों ने रोते-गिड़गिड़ाकर उसे नीचे उतरने की मिन्नतें कीं, लेकिन बच्चा टस से मस नहीं हुआ और अपनी जिद पर अड़ा रहा.

मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सत्यम गुर्जर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने जल्दबाजी या सख्ती दिखाने के बजाय बेहद नरमी और मनोवैज्ञानिक तरीके से बच्चे से संवाद स्थापित किया. पुलिस अधिकारियों ने उसे भरोसा दिलाया कि नीचे आने पर उसे कोई नहीं डांटेगा और उसकी बात सुनी जाएगी. करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस की समझाइश काम आई और बच्चा सुरक्षित नीचे उतर आया.

बाल मनोवैज्ञानिकों की चेतावनी: स्क्रीन एडिक्शन का खतरा

इस घटना ने एक बार फिर बच्चों में बढ़ते डिजिटल और मोबाइल एडिक्शन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बाल मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि आज के बच्चों में मोबाइल स्क्रीन पर लगातार गेम खेलने और रील्स देखने के कारण उनके मस्तिष्क में डोपामाइन का स्तर तेजी से बदलता है.

जब बच्चों से अचानक उनका फोन या गैजेट ले लिया जाता है, तो वे अत्यधिक आक्रामक या अवसादग्रस्त हो जाते हैं. विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करें और उनके साथ संवाद बनाकर इस प्रकार की आदतों से निपटने का प्रयास करें.

Share Now