Lucknow Coaching Centre Fire: लखनऊ के अलीगंज में 15 मौतों के बाद कोचिंग सेंटर की इमारत सील, 6 के खिलाफ FIR दर्ज, 3 आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर वाली इमारत में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर पूरी इमारत को सील कर दिया है और तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
Lucknow Coaching Centre Fire: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार को एक कोचिंग और एनीमेशन सेंटर वाली तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई थी. इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 15 छात्रों की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए. घटना के बाद हरकत में आई लखनऊ पुलिस ने अलीगंज थाने में 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर पूरी इमारत को सील कर दिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है.
पुलिस की सख्त कार्रवाई और इमारत सील
अलीगंज पुलिस ने घटना स्थल पर साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी इमारत को सील कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. फोरेंसिक और दमकल विभाग की टीमें घटना स्थल से तकनीकी साक्ष्य और नमूने इकट्ठा करने की तैयारी कर रही हैं, जिसके चलते आम जनता के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है.
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास), 105 (गैर-इरादतन हत्या), 125 और 3(5) के साथ-साथ उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6 और 10 के तहत मुकदमा दर्ज किया है.
तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में नामजद किए गए छह आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र शुक्ला और तुषांक कृष्ण जयसवाल के रूप में हुई है, जो इस इमारत के संयुक्त मालिक बताए जा रहे हैं.
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण (मेडिकल टेस्ट) कराया और उन्हें थाने ले आई. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार चल रहे अन्य तीन आरोपियों और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है.
बिजली आपूर्ति ठप और बहाली का काम जारी
इस भीषण अग्निकांड के कारण क्षेत्र में बुनियादी सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. हादसे के दौरान पुरानिया पावर हाउस क्षेत्राधिकार के तहत आने वाली 440 वोल्ट की एक मुख्य बिजली लाइन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी.
बिजली लाइन टूटने के कारण आसपास के करीब 150 घरों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई. विद्युत विभाग के कर्मचारी और तकनीकी टीमें रात से ही क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने के काम में जुटी हुई हैं.
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
यह भीषण आग सोमवार दोपहर अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित एक व्यावसायिक परिसर में लगी थी, जिसकी दूसरी मंजिल पर एक कंप्यूटर ट्रेनिंग संस्थान, एनीमेशन स्टूडियो और 'लर्निंग स्पेस' नाम की लाइब्रेरी संचालित हो रही थी. शुरुआती जांच के अनुसार, बेसमेंट में स्थित एक पेट शॉप (पालतू जानवरों की दुकान) के एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लगी, जो तेजी से ऊपरी मंजिलों पर फैल गई.
आग और धुएं के कारण पूरी इमारत में चीख-पुकार मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत से बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता न होने के कारण कई छात्रों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए. चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि दम घुटने और जहरीले धुएं के कारण ज्यादातर छात्रों की मृत्यु हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 23, 2026 11:59 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

