Lucknow Coaching Centre Fire: अलीगंज में तीन मंजिला इमारत में भीषण आग, 14 छात्रों की मौत; पीएम मोदी और सीएम योगी ने जताया दुख
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला व्यावसायिक परिसर में भीषण आग लगने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई. इमारत में चल रहे कोचिंग संस्थान के छात्र जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूद पड़े. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है.
Lucknow Coaching Centre Fire: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है. यहां ऊषा मेहता मार्ग पर स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक परिसर में, जहां एक शैक्षणिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहा था, दोपहर करीब 3:00 बजे भीषण आग लग गई. इस भयावह अग्निकांड में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें अधिकांश छात्र शामिल हैं. आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत के भीतर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और कई छात्रों ने जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों की खिड़कियों से नीचे छलांग लगा दी. स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने संयुक्त रूप से एक सघन रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) चलाकर स्थिति पर काबू पाया. यह भी पढ़ें: Bhiwandi Fire: मुंबई से सटे भिवंडी में कपड़ा प्रिंटिंग कंपनी में लगी भीषण आग, कड़ी मशक्कत के बाद पाया गया काबू (Watch Video)
दमकल की 14 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा, दीवार तोड़कर बचाई जान
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने आग बुझाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म के साथ 14 फायर टेंडर्स को मौके पर रवाना किया. इमारत के भीतर दम घोटने वाले जहरीले धुएं के गुबार और संकरे रास्तों के कारण बचाव दल को शुरुआती चरणों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. आपातकालीन पहुंच और स्ट्रेचर की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए दमकल कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए पास के एक आवासीय मकान की दूसरी मंजिल की विभाजनकारी दीवार को तोड़कर रास्ता बनाया.
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने खुद दुर्घटनास्थल का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया. दमकल कर्मियों ने कमरों के भीतर जमा जहरीली गैसों को बाहर निकालने के लिए बड़े एग्जॉस्ट पंखों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद कक्षाओं, लाइब्रेरी, एक एनिमेशन सेंटर, गेम ज़ोन और शौचालयों में फंसे बच्चों की व्यवस्थित तलाश शुरू की जा सकी.
अलीगंज की कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लगने से 14 लोगों की मौत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों के लिए 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की
वाशरूम में छिपकर जान बचाने की कोशिश, खिड़की से कूदे कई छात्र
प्रत्यक्षदर्शियों और घटना में बाल-बाल बचे छात्रों के अनुसार, आग की लपटें देखकर पूरी इमारत में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई थी. घबराहट में कई छात्रों ने खुद को सुरक्षित रखने की उम्मीद में वाशरूम (शौचालय) के भीतर बंद कर लिया, जिन्हें बाद में बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाला. वहीं, दूसरी ओर आग की भीषण तपन से बचने के लिए जिन छात्रों ने ऊपर से छलांग लगाई, वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए और कई के पैर व रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर आया है.
हादसे के तुरंत बाद एम्बुलेंस और स्थानीय अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया. गंभीर रूप से झुलसे और घायल हुए दर्जनों लोगों को तत्काल उपचार के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनका इलाज कर रही है.
पीएम मोदी और सीएम योगी ने किया मुआवजे का ऐलान
इस बेहद दुखद हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पीड़ितों के परिवारों से सीधा संपर्क स्थापित कर उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करें और अस्पताल में भर्ती घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिलना सुनिश्चित करें.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुख प्रकट किया है. प्रधानमंत्री ने 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष' (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने की घोषणा की है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आग लगने की शुरुआती वजह निचली मंजिल पर बने शोरूम या बिजली के शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने इसकी सटीक वजहों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं.