Disaster Management Bill 2024: लोकसभा ने आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक को दी मंजूरी, सुरक्षा उपायों की बढ़ेगी कार्य क्षमता; VIDEO
लोकसभा ने बृहस्पतिवार को ‘आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024’ को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकारों की कार्य क्षमता बढ़ाना, उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टता लाना तथा उनके बीच अधिक समन्वय सुनिश्चित करना है.
Disaster Management Bill 2024: लोकसभा ने बृहस्पतिवार को ‘आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024’ को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकारों की कार्य क्षमता बढ़ाना, उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टता लाना तथा उनके बीच अधिक समन्वय सुनिश्चित करना है. विधेयक पर हुई चर्चा का गृह राज्य मंत्री नित्यांनद राय ने जवाब दिया. मंत्री के जवाब के बाद सदन ने इसे ध्वनिमत से मंजूरी दी. विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए राय ने कहा कि विधेयक के जरिये केंद्र, प्रदेश और जिला स्तर के संस्थानों की भूमिका निर्धारित की जाएगी.
उनका कहना था, ‘‘जब तक भूमिका निर्धारित नहीं होगी और एकरूपता नहीं होगी तब तक प्रभावी रूप से आपदा प्रबंधन नहीं हो सकता.’’
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लोकसभा ने आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक को दी मंजूरी
The Disaster Management (Amendment) Bill 2024 passed in #LokSabha @HMOIndia @nityanandraibjp pic.twitter.com/U51m8thd9Y
— SansadTV (@sansad_tv) December 12, 2024
मंत्री ने कहा कि आज बदली हुई परिस्थितियों में और इसके क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह संशोधन विधेयक लाया गया है. राय के अनुसार, शहरी आपदा प्रबंधन के सृजन का प्रावधान करने के साथ वर्तमान आपदा प्रबंधन संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया है. उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, जवाबेदही और समन्वय का प्रयास किया गया है.
राय ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय की एक टिप्पणी का हवाला देते हुए हिरोशिमा और नागासाकी में परमाणु बम हमले का उल्लेख किया और कहा कि कोई भी भारत को परमाणु बम की धौंस नहीं दिखा सकता. यह विधेयक दो अगस्त, 2024 को लोकसभा में पेश किया गया था. विधेयक में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकारों को राष्ट्रीय कार्यकारी समिति तथा राज्य कार्यकारी समिति के बजाय राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने का अधिकार सुनिश्चित किया गया है. इसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर आपदा डेटाबेस बनाना भी प्रस्तावित है ताकि राज्यों की राजधानी और नगर निगम वाले बड़े शहरों के लिए ‘शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकार’ तथा राज्य सरकार द्वारा ‘राज्य आपदा मोचन बल’ बनाने का प्रावधान किया जा सके.
यह विधेयक आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 में संशोधन करेगा जिसे आपदाओं और उससे संबंधित मामलों या घटनाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए लागू किया गया था. राय ने तमिलनाडु को आपदा राहत के लिए केंद्र की ओर से दी गई राशि का उल्लेख किया. द्रमुक सांसदों की नारेबाजी के बीच उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2024-25 में तमिलनाडु को 944 करोड़ रुपये दिए गए. आप शोर मचाकर सदन और देश को गुमराह नहीं कर सकते.’’
राय ने कहा कि चेन्नई शहर के लिए बाढ़ प्रबंधन के वास्ते 500 करोड़ रुपये की राशि केंद्र की ओर से दी गई. उन्होंने बताया कि बिहार में बाढ़ राहत के लिए प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर 11 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी गई. राय ने कहा कि देश में एनडीआरएफ के चार बटालियन बढ़ाए गए हैं और अब 16 बटालियन हो गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्री अमित शाह हमेशा आपदा प्रबंधन को लेकर राज्यों के साथ संपर्क में रहते हैं.
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 12, 2024 08:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

