FSSAI Rules for School Canteens: स्कूलों में बिकने वाले खाने में फैट, शुगर और नमक की सीमा तय; एफएसएसएआई ने जारी किया नया ड्राफ्ट
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने स्कूल परिसरों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों में एडेड फैट, शुगर और सोडियम की अधिकतम सीमा निर्धारित करने के लिए नए नियमों का मसौदा जारी किया है. जानिए ठोस और तरल खाद्य पदार्थों के लिए तय मानक.
नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने स्कूल परिसरों और उनके आसपास बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों की न्यूट्रिशनल गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए एक नए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन का प्रस्ताव रखा है. 'खाद्य सुरक्षा और मानक (स्कूल में बच्चों के लिए सुरक्षित भोजन और संतुलित आहार) संशोधन नियम, 2026' शीर्षक वाले इस मसौदे का उद्देश्य बच्चों में जंक फूड और अत्यधिक फैट, शुगर व नमक वाले खाद्य पदार्थों की खपत को सीमित करना है.
यह ड्राफ्ट भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के 'डाइटरी गाइडलाइन्स फॉर इंडियंस-2024' पर आधारित है. नए मानकों से अधिक मात्रा वाले उत्पादों को 'हाई फैट, हाई शुगर या हाई सोडियम' के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा. यह भी पढ़ें: डाबर के शहद, घी और तेल पर '100% शुद्ध' लिखने पर FSSAI की रोक; जानें पूरा मामला
ठोस और तरल खाद्य पदार्थों के लिए तय न्यूट्रिशन सीमाएं
एफएसएसएआई द्वारा प्रस्तावित मानकों के अनुसार, ठोस और तरल (Liquid) खाद्य पदार्थों के लिए अलग-अलग सीमाएं निर्धारित की गई हैं:
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ठोस खाद्य पदार्थ (प्रति 100 ग्राम):
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एडेड फैट (Added Fat): 4.2 ग्राम से अधिक होने पर 'हाई फैट' माना जाएगा.
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एडेड शुगर (Added Sugar): 3 ग्राम से अधिक होने पर 'हाई शुगर' माना जाएगा.
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सोडियम/नमक (Salt): 0.625 ग्राम से अधिक होने पर 'हाई सोडियम' श्रेणी में आएगा.
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तरल पेय पदार्थ (प्रति 100 एमएल):
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एडेड फैट (Added Fat): 1.5 ग्राम से अधिक.
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एडेड शुगर (Added Sugar): 2 ग्राम से अधिक.
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सोडियम/नमक (Salt): 0.175 ग्राम से अधिक.
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60 दिनों के भीतर मांगी गई सुझाव और आपत्तियां
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 92 के तहत यह ड्राफ्ट अधिसूचना एफएसएसएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राजित पुन्हानी द्वारा केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद जारी की गई है.
एफएसएसएआई ने इस मसौदे पर आम जनता, अभिभावकों, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से 60 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं. हितधारक अपनी राय डाक द्वारा एफएसएसएआई मुख्यालय (नई दिल्ली) भेज सकते हैं या ईमेल (regulation@fssai.gov.in) के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं.
क्यों पड़ी नए नियमों की आवश्यकता?
स्कूल जाने वाले बच्चों में बढ़ता मोटापा, डायबिटीज और असंतुलित खान-पान से होने वाली अन्य जीवनशैली संबंधी बीमारियां एक बड़ी चिंता का विषय बन गई हैं.
एफएसएसएआई के इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्कूल कैंटीन और आसपास की दुकानों में बच्चों को मिलने वाले पैकेज्ड व प्रोसेस्ड फूड की गुणवत्ता में सुधार करना है, ताकि कम उम्र से ही स्वास्थ्यवर्धक खान-पान की आदतों को बढ़ावा दिया जा सके.