Leopard Rescue Video: गुजरात के सावनी गांव में कुएं में गिरा तेंदुआ, वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला

तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. प्राथमिक जांच के बाद वन विभाग की टीम तेंदुए को आगे के मेडिकल परीक्षण और निगरानी के लिए अमरापुर एनिमल केयर सेंटर (Amrapur Animal Care Centre) ले गई.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

Leopard Rescue Video:  गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के वेरावल तालुका स्थित सावनी गांव में एक खेत के खुले कुएं में 9 वर्षीय नर तेंदुआ गिर गया. तेंदुए के कुएं में गिरने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए. सूचना मिलते ही वेरावल वन विभाग (Veraval Forest Department) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और तेंदुए को सकुशल बाहर निकाल लिया. इस रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से वायरल हो रहा है.

खेत में बने कुएं में गिरा था तेंदुआ

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सावनी गांव के निवासी नारनभाई रामाभाई परमार की वाड़ी (खेत) में बने गहरे कुएं में अचानक एक तेंदुआ जा गिरा. कुएं से आवाज आने पर जब स्थानीय ग्रामीणों ने अंदर देखा, तो तेंदुआ खुद को बचाने के लिए छटपटा रहा था. ग्रामीणों ने तुरंत इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी.  यह भी पढ़े:  Leopard Attack: बहराइच में कतर्नियाघाट जंगल से सटे गांव में तेंदुए ने आठ साल की बच्ची की जान ली

 कुएं में गिरा तेंदुआ

वन विभाग का त्वरित और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही वेरावल वन विभाग का दस्ता रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचा. टीम के सामने तेंदुए को बिना कोई चोट पहुंचाए सुरक्षित बाहर निकालने की बड़ी चुनौती थी. वनकर्मियों ने कुएं में जाल और पिंजरा डालकर बेहद सतर्कता के साथ तेंदुए को बाहर निकाला.

तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. प्राथमिक जांच के बाद वन विभाग की टीम तेंदुए को आगे के मेडिकल परीक्षण और निगरानी के लिए अमरापुर एनिमल केयर सेंटर (Amrapur Animal Care Centre) ले गई.

खुले कुओं से वन्यजीवों को बढ़ता खतरा

गिर सोमनाथ और आसपास के जंगली क्षेत्रों से सटे कृषि इलाकों में तेंदुए और अन्य वन्यजीव भोजन व शिकार की तलाश में घूमते रहते हैं. खेतों में बने खुले कुएं अक्सर इन बेजुबान जानवरों के लिए हादसे का कारण बनते हैं. इस घटना ने एक बार फिर जंगल सीमा से लगे गांवों में बने खुले कुओं को ढकने या सुरक्षा जाली लगाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है.

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