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अस्पताल में देर से भर्ती, आईसीयू बिस्तरों की कमी, बढ़ता प्रदूषण कोविड-19 मरीजों की मौत में वृद्धि के मुख्य कारण: विशेषज्ञ

विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 मरीजों को अस्पताल में देर से भर्ती करने के कारण उनकी हालत गंभीर होने, आईसीयू बिस्तरों की कमी, प्रतिकूल मौसम और बढ़ता प्रदूषण दिल्ली में कोरोना वायरस संबंधी मौत के मामलों में वृद्धि के मुख्य कारण हैं.

अस्पताल में देर से भर्ती, आईसीयू बिस्तरों की कमी, बढ़ता प्रदूषण कोविड-19 मरीजों की मौत में वृद्धि के मुख्य कारण: विशेषज्ञ
कोरोना वायरस (Photo Credits: Pixabay)

नयी दिल्ली, 25 नवंबर: विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 मरीजों को अस्पताल में देर से भर्ती करने के कारण उनकी हालत गंभीर होने, आईसीयू बिस्तरों की कमी, प्रतिकूल मौसम और बढ़ता प्रदूषण दिल्ली में कोरोना वायरस संबंधी मौत के मामलों में वृद्धि के मुख्य कारण हैं. राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 मरीजों की मृत्यु दर बढ़कर 1.89 प्रतिशत हो गई, जबकि राष्ट्रीय औसत 1.46 प्रतिशत है. महानगर में पिछले कुछ दिनों से कोरोना वायरस संक्रमण के अत्यधिक मामले सामने आ रहे हैं और बड़ी संख्या में मरीजों की इस बीमारी से जान जा रही है.

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स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि महामारी के पिछले चरण की तुलना में इस चरण में रोग की गंभीरता अधिक है, जिसके लिए प्रतिकूल मौसम और प्रदूषण सहित कई कारक जिम्मेदार हैं.

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) में महामारी विज्ञान और संक्रामक रोग (ईसीडी) विभाग के प्रमुख डॉ. समीरन पांडा ने कहा कि घर में मरीजों के पृथक-वास में होने के दौरान दिशा-निर्देशों का पालन नहीं होना, बीमारी के अधिक लक्षण सामने आने और तबीयत बिगड़ने के बावजूद अस्पताल में देर से जाना मौत के बढ़ते मामले के प्रमुख कारणों में शामिल हैं.

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उन्होंने कहा, ‘‘जिन लोगों को कोविड-19 जांच में संक्रमित पाया जाता है और उन्हें घर पर पृथक-वास में रहने की सलाह दी जाती है, उन्हें अपने शरीर में ऑक्सीजन स्तर की लगातार निगरानी करते रहनी चाहिए तथा यदि और अधिक लक्षण सामने आते हैं और तबियत बिगड़ती है तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए और डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जल्दी मदद मिलने से समय पर उपचार सुनिश्चित होगा.’’

राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक राणा ए के सिंह ने कहा कि मौसम में बदलाव और बढ़ता प्रदूषण समस्याओं को बढ़ा रहा है. डॉ. राणा ने जोर देकर कहा, ‘‘लोग इस मौसम में फ्लू, सर्दी और खांसी से अधिक पीड़ित होते हैं. श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों की समस्या बढ़ जाती है. ऐसे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए, अगर समय पर मदद नहीं ली जाती है, तो इससे प्रतिकूल परिणाम होते हैं.’’

राष्ट्रीय राजधानी में आईसीयू बिस्तरों पर बढ़ते बोझ को देखते हुए, आरएमएल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित तीन अस्पतालों - सफदरजंग अस्पताल, आरएमएल अस्पताल और लेडी हार्डिंग अस्पताल को आईसीयू बिस्तरों की संख्या बढ़ाने को कहा है. उन्होंने कहा, ‘‘और हम ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं.’’ सर गंगा राम अस्पताल के बोर्ड अध्यक्ष डॉ. डी एस राणा ने कहा कि ऑक्सीजन का स्तर 90 प्रतिशत से नीचे आने और अपनी हालत गंभीर होने पर मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘कई अस्पतालों में आईसीयू भरे हुए हैं जिसके चलते एक रोगी जिसकी स्थिति पहले से ही खराब है, उसे लंबे समय तक वार्ड में इंतजार करना पड़ता है जिससे उसकी स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं और बढ़ जाती हैं. यह ऐसी बीमारी है जिसमें समय पर चिकित्सा सहायता मिलना बेहद आवश्यक है.’’ गौरतलब है कि दिल्ली ने पिछले 13 दिनों में से सात दिन कोविड-19 से रोजाना 100 से अधिक मौत हुई हैं. मंगलवार को कुल 109 मौत हुईं, जबकि सोमवार और रविवार को 121-121 मौत, शनिवार को 111, शुक्रवार को 118, 18 नवंबर को 131 और 12 नवंबर को 104 लोगों की मौत हुई. अब तक सर्वाधिक मौत 18 नवंबर को हुईं जब एक दिन में 131 मरीजों की जान चली गई थी.

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी में मृत्यु दर को कम करने के लिए आपातकाल के मामले में गृह पृथक-वास में रहने वाले कोविड​​-19 रोगियों का समय पर अस्पताल में भर्ती होना सुनिश्चित किया जाए. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से एम्स और सफदरजंग अस्पताल जैसे केंद्र सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में दिल्लीवासियों के लिए 1,000 आईसीयू बिस्तर आरक्षित करने की अपील की.

केजरीवाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर अत्यधिक भयंकर है, जिसके मुख्य कारकों में प्रदूषण शामिल है. दिल्ली में मंगलवार को कोविड-19 के 6,224 नए मामले सामने आए, जबकि 109 और लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 8,621 हो गई. राष्ट्रीय राजधानी ने 11 नवंबर को अब तक के सर्वाधिक 8,593 नए मामले सामने आए थे. 

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 25, 2020 08:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).