Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र में लाडकी बहन योजना के e-KYC के बाद 1.66 करोड़ महिलाएं पात्र, 66 लाख आवेदक सूची से बाहर
महाराष्ट्र सरकार की 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' के तहत सत्यापन और ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1.66 करोड़ महिलाएं पात्र पाई गई हैं. ई-केवाईसी और पात्रता शर्तों को पूरा न करने के कारण लगभग 66 लाख आवेदकों को सूची से बाहर कर दिया गया है.
Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' के तहत बड़े पैमाने पर चलाए गए सत्यापन और ई-केवाईसी (e-KYC) अभियान के बाद अंतिम आंकड़े सामने आ गए हैं. राज्य महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब राज्य में 1,66,28,048 (लगभग 1.66 करोड़) महिलाएं इस योजना के लिए पात्र पाई गई हैं. वहीं, अनिवार्य e-KYC प्रक्रिया पूरी न करने, पात्रता शर्तों में न आने या गलत जानकारी दर्ज होने के कारण करीब 66 लाख महिलाओं को लाभार्थियों की सूची से बाहर कर दिया गया है. पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के जरिए जून महीने की 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता राशि भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.
अयोग्य आवेदनों को हटाने का कारण
प्रशासन के अनुसार, शुरुआत में योजना के तहत 2.63 करोड़ पंजीकरण दर्ज किए गए थे. धोखाधड़ी रोकने और केवल जरूरतमंद महिलाओं तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार ने ई-केवाईसी और दस्तावेजों की जांच अनिवार्य की थी. जांच के दौरान निम्नलिखित आधारों पर आवेदनों को खारिज किया गया:
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e-KYC का अभाव: समयसीमा के भीतर अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी न करना.
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आर्थिक मानदंड: आवेदक परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक होना.
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अन्य अपात्रता: परिवार में चार पहिया वाहन होना, आयकर दाता होना या सरकारी सेवा में कार्यरत होना.
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना का घटनाक्रम
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28 जून 2024: राज्य मंत्रिमंडल ने योजना को आधिकारिक मंजूरी दी.
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17 अगस्त 2024: योजना का भव्य राज्यव्यापी शुभारंभ किया गया.
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नवंबर 2024: पारदर्शिता और सत्यापन के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) अभियान की शुरुआत की गई.
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30 अप्रैल 2026: सर्वर तकनीकों और आवेदकों को पर्याप्त अवसर देने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने e-KYC की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दिया था.
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जुलाई 2026: सत्यापन के बाद 1.66 करोड़ पात्र लाभार्थियों की अंतिम सूची जारी की गई.
बजट में बचत और पारदर्शी वितरण
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, जांच और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने से केवल वास्तविक हकदार महिलाओं को ही हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय मदद मिल रही है. अयोग्य लाभार्थियों को बाहर करने से राज्य सरकार के मासिक वित्तीय बोझ में कमी आई है और पारदर्शिता में सुधार हुआ है.
आवेदक महिलाएं योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल पर लॉगिन कर अपना आवेदन क्रमांक या मोबाइल नंबर दर्ज करके अपनी e-KYC स्थिति और अंतिम लाभार्थी सूची में अपने नाम की जांच कर सकती हैं.